बिहार के लघु जल संसाधन विभाग में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की गई है। विशेष निगरानी इकाई ने मामला दर्ज करने के बाद मंगलवार को पटना, बांका और वैशाली स्थित उनके ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 11 साल की नौकरी के दौरान इंजीनियर के पास लगभग ₹2.20 करोड़ की संपत्ति होने का आरोप है। छापेमारी के दौरान पटना स्थित फ्लैट से बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण और नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है।
पटना के फ्लैट से ₹81 लाख के गहने मिलने का दावा
छापेमारी के दौरान पटना स्थित फ्लैट से करीब ₹81 लाख मूल्य के आभूषण बरामद किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा लगभग ₹12 लाख नकद भी मिलने की जानकारी है।
जांच टीम ने बरामद सामान और दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। आभूषणों की वास्तविक कीमत और उनकी खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
तीन शहरों में एक साथ कार्रवाई
मंगलवार को जांच टीम ने पटना के अलावा बांका और वैशाली में भी छापेमारी की। अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड, संपत्ति के कागजात और अन्य वित्तीय जानकारी खंगाली गई।
जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि इंजीनियर की घोषित आय और उनकी संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
कैसे जुटाई इतनी संपत्ति, इसकी जांच
हरेंद्र कुमार के खिलाफ दर्ज मामले में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी अब उनकी नौकरी के दौरान मिलने वाली वैध आय, बैंक लेनदेन, निवेश, जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा सकती है, ताकि संपत्ति के स्रोत का पता लगाया जा सके।
11 साल की नौकरी और करोड़ों की संपत्ति
आरोप के मुताबिक, करीब 11 वर्षों की सरकारी नौकरी के दौरान इंजीनियर ने लगभग ₹2.20 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इसमें कितनी संपत्ति उनकी ज्ञात आय से खरीदी गई और कितनी संपत्ति आय के अनुपात में अधिक है।
हालांकि, छापेमारी के दौरान मिली संपत्ति को अवैध मानने से पहले उसके स्रोत और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी होगी।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
छापेमारी के दौरान मिले नकद, आभूषण, संपत्ति के दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी संपत्ति आय से अधिक पाई गई और उसमें किन-किन स्रोतों से रकम जुटाई गई थी।
फिलहाल इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में जांच जारी है और तीन स्थानों पर हुई छापेमारी से बरामद सामग्री को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

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