सोने और चांदी की कीमतों में 13 अगस्त को गिरावट दर्ज की गई। बाजार के ताजा भाव के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर 972 रुपये कम होकर करीब 1.52 लाख रुपये रह गई। वहीं चांदी का भाव 3,414 रुपये घटकर करीब 2.34 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गया।
कीमती धातुओं की कीमतों में पिछले कुछ समय से लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। निवेशकों और खरीदारों की नजर अब आगे के भाव पर बनी हुई है।
इस साल सोने में करीब 19 हजार रुपये की बढ़त
31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी। मौजूदा भाव के हिसाब से इसमें इस साल अब तक लगभग 19 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
इस साल सोने ने जनवरी में रिकॉर्ड स्तर भी देखा था। 29 जनवरी को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.76 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। इसके बाद भाव में कई बार तेजी और गिरावट देखने को मिली।
चांदी में भी सालभर में बढ़त
चांदी का भाव 31 दिसंबर 2025 को करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था। अब इसकी कीमत करीब 2.34 लाख रुपये है। यानी साल की शुरुआत के मुकाबले चांदी में लगभग 4 हजार रुपये की बढ़त बनी हुई है।
29 जनवरी को चांदी ने भी इस साल का सबसे ऊंचा स्तर देखा था। उस समय इसका भाव करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था।
कैरेट के हिसाब से बदलती है सोने की कीमत
सोना खरीदते समय कैरेट का ध्यान रखना जरूरी है। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है, जबकि आभूषणों में आमतौर पर 22 और 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।
इसलिए आभूषण खरीदते समय केवल 24 कैरेट का भाव देखकर कीमत तय नहीं करनी चाहिए। सोने की शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क की जानकारी लेने के बाद ही अंतिम कीमत का मिलान करना बेहतर रहता है।
सोना खरीदते समय हॉलमार्क जरूर देखें
सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क की जांच करना जरूरी है। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। खरीदार को आभूषण पर दर्ज हॉलमार्क और उससे जुड़े पहचान नंबर की जांच करनी चाहिए।
खरीदारी से पहले वजन और उस दिन के बाजार भाव की भी पुष्टि कर लेना चाहिए। अलग अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क में अंतर हो सकता है।
चांदी की जांच के लिए कुछ आसान तरीके
चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जानकारी लेना भी जरूरी है। घर पर किए जाने वाले कुछ सामान्य परीक्षण शुरुआती संकेत दे सकते हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि के लिए प्रमाणित जांच को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
चांदी आमतौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती। इसके अलावा बर्फ के संपर्क में आने पर चांदी गर्मी तेजी से स्थानांतरित करती है, इसलिए बर्फ अपेक्षाकृत जल्दी पिघल सकती है।
हालांकि केवल घरेलू परीक्षणों के आधार पर चांदी की शुद्धता तय करना सही नहीं है। खरीदारी के समय प्रमाणित शुद्धता और बिल की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

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