नई दिल्ली। देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में शामिल वोडाफोन आइडिया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। अप्रैल से जून के बीच कंपनी का घाटा घटकर 3,754 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 6,608 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
कंपनी के मुताबिक, औसत प्रति ग्राहक आय में बढ़ोतरी और 4जी तथा 5जी सेवाओं से जुड़ने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ने से घाटे में कमी आई है।
रेवेन्यू बढ़कर 11,660 करोड़ रुपये हुआ
वोडाफोन आइडिया का पहली तिमाही में कुल रेवेन्यू बढ़कर 11,660 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 11,000 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में भी सुधार दर्ज किया गया। EBITDA बढ़कर 5,034 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 4,600 करोड़ रुपये था। इसमें करीब 9.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 43.17 फीसदी हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 41.84 फीसदी था।
विलय के बाद पहली बार ग्राहक संख्या बढ़ी
वोडाफोन आइडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिजीत किशोर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए बेहतर क्रियान्वयन का साल है। उन्होंने पहली तिमाही के प्रदर्शन को कंपनी की रणनीति और अनुशासन का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि विलय के बाद पहली बार कंपनी ने ग्राहक जोड़े हैं। कंपनी का 5जी नेटवर्क अब देश के 200 से अधिक शहरों में उपलब्ध हो चुका है।
नेटवर्क विस्तार पर 9,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर
कंपनी नेटवर्क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निवेश बढ़ा रही है। अब तक करीब 9,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च से जुड़े ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं।
कंपनी पर अभी भी कर्ज का बड़ा बोझ है। हालांकि, कर्जदाताओं के साथ बातचीत को लेकर कंपनी ने सकारात्मक रुख जताया है। कंपनी को उम्मीद है कि कर्ज से जुड़े मामलों का जल्द समाधान निकलेगा।
एआई आधारित बदलाव पर भी जोर
कंपनी भविष्य की रणनीति में तकनीकी बदलाव और बेहतर कामकाज पर जोर दे रही है। इसके तहत संगठन के अलग अलग हिस्सों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बदलाव किए जाने की योजना है।
कंपनी का कहना है कि उसके प्रमुख कारोबारी संकेतक सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में नेटवर्क विस्तार तथा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने पर ध्यान जारी रहेगा।
EBITDA और ARPU का मतलब
EBITDA का मतलब ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई है। इससे कंपनी के मुख्य कारोबार की परिचालन क्षमता का अंदाजा लगाया जाता है।
ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत आय। यह बताता है कि टेलीकॉम कंपनी एक ग्राहक से औसतन हर महीने कितनी कमाई करती है। ARPU बढ़ने से कंपनी की प्रति ग्राहक आय में सुधार होता है।
स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड नतीजों में अंतर
स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों में किसी कंपनी की एक इकाई का प्रदर्शन दिखाया जाता है। वहीं कॉन्सोलिडेटेड या समेकित नतीजों में कंपनी और उसकी संबंधित इकाइयों के कुल कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन को शामिल किया जाता है।

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