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गेहूं के आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट का बड़ा खेल: खाने से किडनी और लिवर डैमेज होने का खतरा, जानिए असली और नकली आटे की पहचान करने के आसान तरीके


आज के समय में बाजार में मिलने वाली खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक गंभीर समस्या बन चुकी है। सब्जियों और मसालों के बाद अब रोजमर्रा की सबसे जरूरी चीज यानी गेहूं के आटे में भी मिलावट की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ मुनाफाखोर आटे का वजन और मुनाफा बढ़ाने के लिए उसमें बारीक पिसा हुआ स्टोन पाउडर (पत्थर का पाउडर) और चौक मिला रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि ऐसा मिलावटी आटा लगातार खाने से इंसान के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। यह शरीर के पाचन तंत्र को खराब करने के साथ-साथ किडनी और लिवर जैसी मुख्य ग्रंथियों को हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है।

सेहत के लिए कितना खतरनाक है स्टोन पाउडर वाला आटा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्टोन पाउडर यानी पत्थर का बारीक चूर्ण एक अघुलनशील पदार्थ है। जब कोई व्यक्ति ऐसे आटे से बनी रोटियों का सेवन करता है, तो इसका शरीर पर बेहद बुरा असर पड़ता है:

  • किडनी में पथरी और डैमेज का खतरा: स्टोन पाउडर में मौजूद खनिज और बारीक कण पचते नहीं हैं। ये धीरे-धीरे किडनी में जमा होने लगते हैं, जिससे किडनी स्टोन (पथरी) की गंभीर समस्या हो जाती है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से किडनी काम करना भी बंद कर सकती है।

  • लिवर पर बुरा असर: शरीर में टॉक्सिन (जहरीले तत्व) बढ़ने से लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे लिवर में सूजन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

  • पाचन तंत्र का खराब होना: स्टोन पाउडर पेट में जाकर आंतों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है। इससे कब्ज, पेट में तेज दर्द, ऐंठन और अपच जैसी समस्याएं बनी रहती हैं।

  • पोषक तत्वों की कमी: मिलावटी आटे में वास्तविक गेहूं के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा, फाइबर और प्रोटीन नहीं मिल पाता।

घर पर कैसे करें मिलावटी आटे की पहचान? 5 आसान घरेलू तरीके

अगर आपको भी यह शक है कि आपके घर में इस्तेमाल हो रहा आटा शुद्ध नहीं है, तो आप नीचे दिए गए बेहद आसान तरीकों से घर पर ही इसकी जांच कर सकते हैं:

1. पानी वाला टेस्ट (सबसे असरदार तरीका)

एक कांच के साफ गिलास में पानी भरें और उसमें एक चम्मच आटा डालें। शुद्ध आटा पानी के ऊपर तैरने लगेगा या धीरे-धीरे नीचे बैठेगा। लेकिन अगर आटे में स्टोन पाउडर या चौक मिला होगा, तो वह भारी होने के कारण तुरंत गिलास की तली में जमा हो जाएगा।

2. नींबू का रस या सिरका टेस्ट

एक कटोरी में थोड़ा सा आटा लें और उसमें कुछ बूंदें नींबू के रस या सिरके (विनेगर) की डालें। अगर आटे में से बुलबुले उठने लगें, तो समझ जाएं कि इसमें चौक या स्टोन पाउडर मिलाया गया है। शुद्ध आटे में नींबू डालने पर कोई बुलबुला नहीं बनता।

3. छूकर और गूंथकर पहचानें

शुद्ध आटा गूंथते समय बहुत नरम रहता है और उसमें पानी सोखने की क्षमता अच्छी होती है। वहीं स्टोन पाउडर मिला हुआ आटा गूंथने के बाद कड़ा हो जाता है और उसकी रोटियां बहुत जल्दी सूखकर सख्त हो जाती हैं।

4. चबाकर देखें

थोड़ा सा कच्चा आटा अपनी जीभ पर रखें और चबाएं। अगर आपको दांतों के बीच किचकिचाहट या कंकड़ जैसी अनुभूति होती है, तो आटे में पत्थर का पाउडर या रेत मिला होने की पूरी संभावना है।

5. रोटियों का रंग और स्वाद

शुद्ध गेहूं के आटे की बनी रोटी हल्की भूरी और स्वाद में हल्की मीठी होती है। मिलावटी आटे की रोटी देखने में बहुत ज्यादा सफेद या मटमैली दिख सकती है और उसका स्वाद भी अलग होता है।

मिलावट से बचने के लिए क्या करें?

  • साबुत गेहूं खरीदकर पिसवाएं: बाजार से बंद पैकेट वाला आटा खरीदने के बजाय संभव हो तो अच्छे ब्रांड का साफ गेहूं खरीदें और अपनी आंखों के सामने स्थानीय चक्की से पिसवाएं।

  • भरोसेमंद दुकानों से खरीदें: हमेशा प्रमाणित और जाने-पहचाने दुकानदारों या अधिकृत स्टोर से ही आटा खरीदें।

  • संदेह होने पर शिकायत करें: यदि आपको किसी ब्रांड या दुकान के आटे में मिलावट की पुष्टि होती है, तो उसकी शिकायत तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) के पोर्टल या टोल-फ्री नंबर पर दर्ज कराएं।

क्या आप अपने घर में आटा खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता जांचते हैं? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!

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