बिहारशरीफ में करीब ₹78 करोड़ की लागत से बने शहर के पहले फ्लाईओवर की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नगर निगम की ओर से सफाई अभियान चलाने का दावा तो किया जाता है, लेकिन मौके पर हालात कुछ और नजर आते हैं।
फ्लाईओवर के आसपास बालू, गिट्टी और कीचड़ जमा होने की शिकायत सामने आई है। इससे सड़क की स्थिति खराब होने के साथ वाहन चालकों और पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सफाई के दावे और जमीन पर अलग तस्वीर
फ्लाईओवर जैसे महत्वपूर्ण मार्ग की नियमित सफाई और रखरखाव बेहद जरूरी है। आरोप है कि कागजों पर सफाई व्यवस्था पूरी दिखाई जाती है, लेकिन वास्तविक स्थिति में सड़क के किनारे गंदगी और निर्माण सामग्री का जमाव बना हुआ है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि सफाई अभियान वास्तव में नियमित रूप से चल रहा है तो फ्लाईओवर के आसपास बालू, गिट्टी और कीचड़ का ढेर क्यों दिखाई दे रहा है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर भी सवाल
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर पहले भी अतिक्रमण हटाने के दौरान भेदभाव के आरोप लगाए जाते रहे हैं। अब इसी तरह की स्थिति सफाई व्यवस्था में होने का दावा किया जा रहा है।
आरोप है कि कुछ स्थानों पर कार्रवाई तेजी से होती है, जबकि महत्वपूर्ण मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
हालांकि, नगर निगम की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
₹78 करोड़ की लागत से बना है फ्लाईओवर
बिहारशरीफ का यह फ्लाईओवर शहर की महत्वपूर्ण यातायात व्यवस्था का हिस्सा है। करीब ₹78 करोड़ की लागत से तैयार किए गए इस फ्लाईओवर का उद्देश्य शहर में यातायात को सुगम बनाना और जाम की समस्या को कम करना है।
ऐसे में फ्लाईओवर के आसपास सफाई और रखरखाव की स्थिति खराब रहने पर निर्माण के साथ-साथ उसके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
बालू-गिट्टी से बढ़ सकता है दुर्घटना का खतरा
सड़क पर जमा बालू और गिट्टी दोपहिया वाहनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। बारिश के बाद यही सामग्री कीचड़ में बदल जाए तो सड़क पर फिसलन बढ़ सकती है।
फ्लाईओवर पर वाहनों की गति सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक रहने के कारण सड़क पर जमा सामग्री दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ा सकती है।
नगर निगम से नियमित सफाई की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि फ्लाईओवर और उसके आसपास नियमित सफाई कराई जाए। सड़क पर जमा बालू, गिट्टी और कीचड़ को हटाने के साथ जल निकासी की व्यवस्था भी बेहतर की जाए।
लोगों का कहना है कि शहर की महत्वपूर्ण सड़क और करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सार्वजनिक सुविधा का रखरखाव केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
फिलहाल फ्लाईओवर की सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच नगर निगम की वास्तविक कार्रवाई और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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