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सिंगला बांध के भूमि अवार्ड को लेकर किसानों की ट्रैक्टर रैली, अजमेर पहुंचने से पहले रोका


अजमेर में सिंगला बांध से जुड़े भूमि अवार्ड को निरस्त करने की मांग को लेकर किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। रूपनगढ़ से ट्रैक्टरों के साथ अजमेर की ओर बढ़ रहे किसानों को शहर में प्रवेश से पहले ही रोक दिया गया। किसान अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे।

किसानों की रैली को देखते हुए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। रास्ते में बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रहे थे किसान

किसानों का कहना है कि सिंगला बांध से संबंधित भूमि अवार्ड को निरस्त किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने ट्रैक्टर रैली निकालने का फैसला किया।

रूपनगढ़ से किसान ट्रैक्टरों के साथ अजमेर के लिए रवाना हुए। उनका उद्देश्य जिला कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपना था।

अजमेर में प्रवेश से पहले रोकी गई रैली

किसानों की रैली अजमेर की सीमा के पास पहुंची तो पुलिस और प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर बैरिकेड लगाए गए थे।

रैली को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।

किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत

रैली रोके जाने के बाद किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत की स्थिति बनी। किसान अपनी मांग को लेकर आगे जाने और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग कर रहे थे।

किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रैली को नियंत्रित किया गया।

भूमि अवार्ड निरस्त करने की मांग

किसानों का मुख्य मुद्दा सिंगला बांध से संबंधित भूमि अवार्ड है। उनका कहना है कि इस मामले में उनकी मांगों पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

किसान चाहते हैं कि संबंधित भूमि अवार्ड को निरस्त किया जाए और इस मुद्दे पर प्रशासन की ओर से उचित निर्णय लिया जाए।

पुलिस बल रहा तैनात

ट्रैक्टर रैली को देखते हुए अजमेर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया।

प्रशासन की कोशिश रही कि रैली के दौरान यातायात और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। फिलहाल किसान अपनी मांग पर कायम हैं और प्रशासन के साथ आगे की बातचीत पर नजर बनी हुई है।

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