अगर आप भी विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देखते हैं, लेकिन भारी-भरकम खर्च, वीजा या कागजी झंझटों की वजह से कदम पीछे खींच लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी काम की है। अब आपको विदेशी यूनिवर्सिटी की डिग्री हासिल करने के लिए अपना घर-आंगन छोड़कर बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने दुनिया के 15 मशहूर विदेशी शिक्षण संस्थानों को अपने कैंपस यहाँ खोलने की इजाजत दे दी है। इसके लिए 16 'लेटर ऑफ इंटेंट' जारी किए जा चुके हैं। यानी अब ये यूनिवर्सिटीज खुद यहाँ आकर अपने कॉलेज शुरू करेंगी।
किन इलाकों की यूनिवर्सिटीज आ रही हैं?
शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार के मुताबिक, यहाँ अपने कैंपस स्थापित करने की मंजूरी पाने वाले संस्थान दुनिया के सबसे मजबूत शिक्षा तंत्र से जुड़े हैं:
-
अमेरिका (USA)
-
ब्रिटेन (UK)
-
ऑस्ट्रेलिया
-
इटली
इसके पीछे सरकार का साफ मकसद है कि स्थानीय छात्रों को अपने ही क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई मिल सके और उन्हें पढ़ाई के सिलसिले में बाहर न जाना पड़े।
किन-किन शहरों में खुलेंगे ये कैंपस?
शुरुआती चरण में इन 15 विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस मुख्य व्यापारिक और आईटी हब वाले शहरों में खोले जाएंगे:
-
गुरुग्राम
-
ग्रेटर नोएडा
-
बेंगलुरु
-
मुंबई
-
चेन्नई
इन बड़े शहरों में सेंटर बनने से आसपास के इलाकों में रहने वाले युवाओं को आने-जाने और रहने में काफी सहूलियत होगी।
कौन-कौन से विषयों में मिलेगी डिग्री?
आज के समय में जिन कोर्स की इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा मांग है, इन विदेशी कैंपस में मुख्य रूप से उन्हीं की पढ़ाई होगी:
-
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस
-
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और साइबर सिक्योरिटी
-
बिजनेस, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स
-
एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन
-
गेम डिजाइन और बायोमेडिकल साइंसेज
पढ़ाई का स्तर और नियम कैसे तय होंगे?
ये सभी कैंपस UGC विनियम, 2023 के तहत संचालित होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यहाँ दी जाने वाली शिक्षा का स्तर बिल्कुल वैसा ही होगा, जैसा इनके मूल (Main) कैंपस में होता है। साथ ही, इन सभी संस्थानों को यहाँ के स्थानीय नियमों और UGC की गाइडलाइंस का पूरा पालन करना होगा।
छात्रों को इससे क्या-क्या बड़े फायदे होंगे?
-
लाखों रुपये की बचत: बाहर जाकर रहने, खाने-पीने और यात्रा पर होने वाला भारी खर्च बच जाएगा।
-
डिग्री की मान्यता का झंझट खत्म: यहाँ मिलने वाली डिग्री को भारतीय डिग्रियों के बिल्कुल बराबर माना जाएगा। नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अलग से कोई सर्टिफिकेट नहीं लेना पड़ेगा।
-
विश्वस्तरीय अनुभव: छात्रों को अपने ही करीब रहते हुए विदेशी प्रोफेसरों से पढ़ने और ग्लोबल एक्सपोजर पाने का मौका मिलेगा।
क्या आप या आपके परिवार में कोई इन यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेना चाहता है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं!

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)