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बिहार में महिलाओं के लिए कई घोषणाएं, स्टार्टअप को 2 लाख तक मदद; पीएचडी फेलो को हर महीने 10 हजार


पटना। रक्षाबंधन से पहले बिहार सरकार ने महिलाओं और बेटियों के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है। इसके लिए स्वरोजगार, शिक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े कदम उठाए जाएंगे।

महिला उद्यमियों को स्टार्टअप के लिए मिलेगी सहायता

सरकार महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देगी। महिला उद्यमियों को स्टार्टअप के लिए अधिकतम 2 लाख रुपए तक की सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।

इसका उद्देश्य महिलाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

पीएचडी फेलोशिप में हर महीने 10 हजार रुपए

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाओं के लिए सहायता की घोषणा की गई है। पीएचडी फेलोशिप के तहत पात्र छात्राओं को हर महीने 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस सहायता से शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली बेटियों को आर्थिक सहारा मिलेगा और उन्हें अपनी पढ़ाई व शोध कार्य जारी रखने में मदद मिलेगी।

4700 पुलिस दीदियों को स्कूटी और बाइक

महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 4700 पुलिस दीदियों को स्कूटी और बाइक उपलब्ध कराने की योजना भी सामने रखी गई है।

वाहन मिलने से पुलिस दीदियां अपने कार्यक्षेत्र में तेजी से पहुंच सकेंगी और महिलाओं से जुड़े मामलों में सहायता तथा सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

तीन साल में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले तीन वर्षों के दौरान राज्य की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम करेगी।

इसके लिए महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं नियमित आय का साधन विकसित कर आर्थिक रूप से मजबूत बनें।

रक्षाबंधन से पहले की गई इन घोषणाओं में रोजगार, उच्च शिक्षा और महिला सुरक्षा को प्रमुखता दी गई है

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