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प्रदर्शन के दौरान छात्रा के सिर में चोट, पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप; अस्पताल में इलाज जारी


पटना। प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के सिर में चोट लगने के बाद पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगा है। घायल छात्रा को इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। छात्रा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मियों ने उस पर लाठियां बरसाईं और एक पुलिसकर्मी की लाठी सिर पर लगने से वह घायल हो गई।

छात्रा के मुताबिक, वह प्रदर्शन में नारे लगा रही थी। इसी दौरान अचानक पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को हटाने लगे। इसी दौरान उस पर भी लाठी चलाई गई। सिर में चोट लगने के बाद काफी खून बहने लगा और वह मौके पर ही बेहोश हो गई।

छात्रा का आरोप, मदद के लिए कोई नहीं आया

घायल छात्रा ने बताया कि सिर से लगातार खून निकल रहा था। उसका आरोप है कि चोट लगने के बाद भी पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल उठाकर अस्पताल पहुंचाने में मदद नहीं की।

छात्रा ने अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी स्थिति को लेकर चिंता जताई। उसने कहा कि चोट के बाद उसे काफी खून बहा और वह कई घंटे से अस्पताल में इलाज करा रही है।

पीएमसीएच में चल रहा उपचार

घटना के बाद घायल छात्रा को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। सिर में चोट लगने के कारण उसकी चिकित्सकीय जांच भी की जा रही है।

अस्पताल में मौजूद परिजनों और साथियों के मुताबिक, छात्रा को घटना के बाद काफी परेशानी हुई। वे उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में छात्रा के घायल होने का मामला सामने आया।

छात्रा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, लाठीचार्ज किन परिस्थितियों में हुआ और पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई, इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

घटना के बाद प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग को लेकर स्पष्ट नियमों का पालन किया जाना चाहिए।

फिलहाल घायल छात्रा के इलाज और उसकी मेडिकल रिपोर्ट पर नजर है। पुलिस की कार्रवाई और छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

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