दक्षिण गोवा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। दक्षिण गोवा में आयोजित जनसभा में खड़गे ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार विधायक का चुनाव जीता था, उस समय अमित शाह बच्चे थे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जबकि कांग्रेस ने देश के लिए लंबे समय तक काम किया है।
खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित अपनी सभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी सभा हुई थी और इसके दो दिन बाद मंच का शुद्धिकरण किए जाने की बात सामने आई। खड़गे ने इसे दलितों के प्रति भेदभाव से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह का व्यवहार उचित है।
शुद्धिकरण के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
खड़गे ने कहा कि अगर किसी दलित नेता के सभा करने के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाता है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी सोच दलितों को बराबरी का अधिकार देने के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को समान सम्मान मिलना चाहिए। किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके साथ अलग व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे ने इसी मुद्दे को लेकर भाजपा की विचारधारा पर सवाल उठाए।
अमित शाह के आरोप का भी दिया जवाब
अमित शाह की ओर से कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम के गायन को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी खड़गे ने प्रतिक्रिया दी। शाह ने 16 अगस्त को आरोप लगाया था कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम का गायन चल रहा था और बीच में सोनिया गांधी ने खड़गे को इसे रोकने के लिए कहा।
इस विवाद के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। खड़गे ने अपने भाषण में भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा और कांग्रेस की विचारधारा का बचाव किया।
खड़गे बोले, दल बदलने वालों को समर्थन न दें
गोवा की राजनीति का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा कि राज्य के 12 मंत्रियों में से 10 ऐसे हैं, जो पहले कांग्रेस से जुड़े हुए थे और बाद में भाजपा में चले गए। उन्होंने जनता से ऐसे नेताओं को वोट नहीं देने की अपील की।
खड़गे ने कहा कि जो नेता चुनाव जीतने के बाद अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, उनके राजनीतिक फैसले पर जनता को विचार करना चाहिए। उन्होंने ऐसे नेताओं के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं से उन्हें समर्थन नहीं देने की अपील की।
गोवा में जमीन खरीद को लेकर भी सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने गोवा में जमीन खरीदने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों के संपन्न लोग गोवा में जमीन खरीद रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या जमीन खरीदने का फायदा स्थानीय लोगों को मिल रहा है या इससे राज्य के संसाधनों पर बाहरी लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है।
खड़गे ने कहा कि गोवा की जमीन और संसाधनों का इस्तेमाल स्थानीय लोगों के हित में होना चाहिए। उन्होंने बाहर से आने वाले लोगों द्वारा जमीन खरीदने और महंगी कीमतों पर निर्माण करने को लेकर भी चिंता जताई।
वंदे मातरम को लेकर विवाद बढ़ा
वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद अब पुलिस शिकायतों तक पहुंच गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली में एक वकील ने 16 अगस्त को आईपी एस्टेट थाने में शिकायत देकर राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से के बाद सोनिया गांधी की ओर से कुछ इशारे किए गए, जिन्हें गीत जारी रखने पर आपत्ति के तौर पर देखा गया। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
भाजपा नेताओं ने भी पुलिस में शिकायत दी
उधर, भाजपा की ओर से सोनिया गांधी के खिलाफ बेंगलुरु और मंगलुरु में भी पुलिस शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है। भाजपा नेताओं ने वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
वंदे मातरम को लेकर सामने आए इस विवाद के बीच दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। खड़गे के ताजा बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल शुद्धिकरण और वंदे मातरम से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही होगी।

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