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संसद परिसर में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी: मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी और लाठीचार्ज के मुद्दे पर हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित


संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा और नारेबाजी की। इस हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के महज एक मिनट के भीतर ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले सुबह संसद परिसर में विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने सरकार की नीतियों और हालिया घटनाओं के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने एकजुट होकर गांधी प्रतिमा से लेकर संसद के मकर द्वार तक पैदल मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ सांसद और नेता शामिल रहे।

किन दो बड़े मुद्दों को लेकर सड़क से संसद तक आक्रामक है विपक्ष?

संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में विपक्ष मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहा है और लगातार गतिरोध बनाए हुए है:

  • राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी का मुद्दा: विपक्षी दलों का आरोप है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की राशि में अनिमितताएं हुई हैं। विपक्ष इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग कर रहा है।

  • जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज: 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा भी संसद में गरमाया हुआ है। विपक्ष इसे छात्रों के अधिकारों का हनन बता रहा है।

विपक्षी सांसदों की मुख्य मांग है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह खुद संसद के भीतर आएं और इन दोनों संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की ओर से आधिकारिक जवाब और स्पष्टीकरण दें।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल-प्रियंका संग की बैठक

संसद में जारी गतिरोध और बार-बार कार्यवाही बाधित होने की स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सरकार की ओर से पहल की गई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद भवन परिसर में ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ एक अहम बैठक की।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संसद के दोनों सदनों में कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और विपक्ष की चिंताओं पर बातचीत के जरिए सहमति बनाना था। हालांकि, बैठक के बाद भी विपक्ष अपने कड़े रुख पर कायम दिखा और संसद के भीतर नारेबाजी जारी रही।

मानसून सत्र का अब तक का लेखा-जोखा: 5 अहम बिल पास कराने की तैयारी में सरकार

संसद के इस मानसून सत्र में हंगामे के बीच भी सरकार अपने विधायी कामकाज को पूरा करने में जुटी हुई है:

  • अब तक 3 बिल पास: सत्र की शुरुआत से लेकर अब तक पेश किए गए 8 प्रमुख विधेयकों (बिलों) में से 3 बिलों को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है।

  • बाकी 5 बिलों पर नजर: सरकार की योजना सत्र के बचे हुए दिनों में बाकी के 5 महत्वपूर्ण बिलों को भी चर्चा के बाद दोनों सदनों से पास कराने की है।

लेकिन जिस तरह से मुख्य मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान चल रही है, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में भी संसद में विधायी कामकाज के दौरान भारी हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है?

संसदीय जानकारों का मानना है कि जब तक सरकार विपक्ष की मांगों पर कोई बीच का रास्ता नहीं निकालती या गृह मंत्री की ओर से वक्तव्य नहीं आता, तब तक सदन की कार्यवाही को सामान्य रूप से चलाना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। विपक्षी दल इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक पूरी ताकत से उठाने के मूड में नजर आ रहे हैं।

क्या आपको लगता है कि जनहित के मुद्दों पर संसद में हंगामा होने के बजाय सीधी चर्चा होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!

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