राष्ट्रीय समाचार

शेख हसीना के भाषण रोकने से भारत का इनकार: बांग्लादेश की मांग पर कहा- हमारा इससे कोई संबंध नहीं, 2 साल बाद पहली बार दिखेंगी पूर्व प्रधानमंत्री


बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वह 5 अगस्त को नई दिल्ली स्थित 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA)' के कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी। बांग्लादेश सरकार ने भारत से उनके इस भाषण पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे भारत ने खारिज कर दिया है।

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि शेख हसीना के इस ऑनलाइन संबोधन से उसका कोई संबंध नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है और न ही सरकार इस मंच पर रखे जाने वाले विचारों का समर्थन करती है।

5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह पहला मौका होगा जब शेख हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आएंगी।

FCCSA क्या है और क्या है कार्यक्रम का समय?

फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली में स्थित पत्रकारों का एक संगठन है, जिसकी स्थापना 1958 में हुई थी। शेख हसीना इसी संगठन के कार्यक्रम में वीडियो लिंक के जरिए जुड़ेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा।

बांग्लादेश ने जताई आपत्ति

बांग्लादेश सरकार ने भारत से अपील की थी कि शेख हसीना या उनसे जुड़े लोगों को भारत की जमीन से राजनीतिक भाषण देने की अनुमति न दी जाए। ढाका का कहना है कि अगर किसी भगोड़े नेता को ऐसी गतिविधियां करने की इजाजत दी जाती है, तो इससे दोनों देशों के सुधरते संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है।

यह मुद्दा बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर और ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की मुलाकात के दौरान भी उठाया गया था।

शेख हसीना ने 5 अगस्त का दिन ही क्यों चुना?

5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को अपना देश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके आवास तक पहुंच गए थे, जिसके बाद वह इस्तीफा देकर सेना के विमान से भारत आ गई थीं।

जिस दिन उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी, ठीक उसी तारीख को दो साल बाद वह जनता के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि वह इस दिन के जरिए अपनी राजनीतिक वापसी का संदेश देना चाहती हैं। इस कार्यक्रम में उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय और पार्टी के अन्य नेता भी शामिल होंगे।

हाल ही में उन्होंने कहा था कि वह दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाकर अदालत के सामने पेश होंगी, भले ही वहां उन्हें गिरफ्तारी या अपनी जान का खतरा हो।

सितंबर में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का भारत दौरा

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं और बांग्लादेश लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। उनकी यह सार्वजनिक मौजूदगी ऐसे समय में हो रही है जब सितंबर में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान के भारत आने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि भारत ने बिम्सटेक (BIMSTEC) अध्यक्ष होने के नाते बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को ब्रिक्स सम्मेलन के आउटरीच सत्र के लिए नई दिल्ली आने का न्योता भेजा है।

भारत में शरणार्थियों को लेकर क्या हैं नियम?

जब किसी व्यक्ति को अपने देश में जान का खतरा या राजनीतिक प्रताड़ना होती है, तो वह दूसरे देश में शरण मांग सकता है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति को उसकी जान के खतरे के बावजूद जबरन वापस नहीं भेजा जाना चाहिए।

भारत ने शरणार्थियों से जुड़े 1951 के संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और देश में शरणार्थियों के लिए कोई अलग से कानून नहीं है। इसलिए भारत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और मानवीय आधार पर हर मामले में अलग फैसला लेती है।

भारत सरकार ने शेख हसीना को आधिकारिक रूप से राजनीतिक शरण देने की घोषणा नहीं की है, बल्कि उन्हें मानवीय आधार पर भारत में रहने की अनुमति दी गई है।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)