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यमन के पास भारतीय व्यावसायिक जहाज पर हूती विद्रोहियों का हमला: विस्फोटकों से लदी बोट टकराने से डूबा जहाज, सभी 13 भारतीय नागरिक सुरक्षित


यमन तट के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले एक व्यावसायिक जहाज पर बड़ा हमला हुआ है। यह हमला ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती खबरों के अनुसार, विस्फोटकों से लदी एक सुसाइड बोट भारतीय जहाज से टकरा गई। इस भीषण टक्कर के कारण जहाज समुद्र में डूब गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने जहाज 'एमएसवी फैजे नूर-ए-औलिया' पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित भारतीय दूतावास पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा व सहायता के लिए यमन के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें जारी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित बातचीत को लेकर अभी तक तारीख और स्थान तय नहीं हो पाया है। प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान और कतर संभावित मेजबान देशों के रूप में चर्चा में हैं और दोनों देश मध्यस्थता की कोशिशें कर रहे हैं।

इसी बीच, ईरान ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। ईरान अब सीधी सैन्य जंग के बजाय समुद्री व्यापार, तेल आपूर्ति और महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स पर दबाव बनाकर अमेरिका और उसके सहयोगियों की आर्थिक व सैन्य लागत बढ़ाने की नीति पर काम कर रहा है।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने यह दावा भी किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ रहे एक अमरीकी निर्मित MQ-9 रीपर ड्रोन को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने सैन्य विश्लेषकों से ईरान पर दबाव बढ़ाने और उस पर नियंत्रण पाने के लिए नए सुझाव मांगे हैं।

हूती धमकियों से समुद्री व्यापार प्रभावित

यमन के हूती विद्रोहियों की लगातार धमकियों के बाद छह सऊदी सुपरटैंकरों ने अपना पारंपरिक रास्ता बदल दिया है। इन जहाजों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से से होकर जाने वाला लंबा समुद्री मार्ग चुना है। इससे इस पूरे इलाके में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर ओमान और ईरान के बीच समझौता संभव

ईरान और खाड़ी देश ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से जहाजों की आवाजाही के लिए खोलने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी है। इसे मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

प्रस्तावित समझौते के तहत, व्यावसायिक जहाज ईरान के नियंत्रण वाले रास्ते से फारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के नियंत्रण वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। जहाजों की सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण के संरक्षण के लिए सर्विस शुल्क लिया जाएगा। हालांकि, इस विषय पर बातचीत अभी भी जारी है।

अमेरिका का बयान: ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करना ही मुख्य लक्ष्य

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका का अंतिम लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मुख्य ध्यान होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित बनाने पर है, जिसके बाद परमाणु मुद्दे पर भी लंबी वार्ता होगी।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान समुद्री मार्गों पर दबाव बनाकर अमेरिका को यह संदेश देना चाहता है कि उसकी शर्तें मानना एक लंबी जंग से ज्यादा आसान और सस्ता विकल्प होगा।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की उम्मीदों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी कच्चा तेल WTI 5 प्रतिशत गिरकर 76.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गई है।

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