राष्ट्रीय समाचार

पंजाब की जेल से चल रहा था अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स और हथियार तस्करों का नेटवर्क: उधार के एक लाख रुपये न चुका पाने पर वीरेंद्र को बनाया मोहरा, पाकिस्तान से आई खेप लेने भेजा


पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय तस्करों के एक बड़े और खतरनाक नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जेल में बंद एक कुख्यात तस्कर सलाखों के पीछे से ही अपना पूरा सिंडिकेट चला रहा था।

हैरान करने वाली बात यह है कि केवल एक लाख रुपये का मामूली कर्ज न चुका पाने के कारण वीरेंद्र नाम के एक युवक को इस खतरनाक खेल में मोहरा बनाया गया। कर्ज की भरपाई करने के लिए उसे पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराई गई नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप उठाने के लिए भेजा गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे मामले का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

1. जेल की सलाखों के पीछे से संचालित हो रहा था तस्करी का पूरा सिंडिकेट

सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि पंजाब की एक जेल में बंद मुख्य तस्कर लगातार मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉल के माध्यम से सीमा पार यानी पाकिस्तान में बैठे तस्करों के संपर्क में था।

जेल के भीतर से ही वह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए आने वाली हेरोइन, अवैध हथियारों और गोला-बारूद की डिलीवरी का समय और लोकेशन तय करता था। इसके बाद वह बाहर मौजूद अपने नेटवर्क के माध्यम से इन खेपों को रिसीव करवाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करवाता था।

2. केवल एक लाख रुपये के कर्ज के जाल में फंसा वीरेंद्र

इस पूरी साजिश की सबसे हैरान करने वाली कड़ी वीरेंद्र नाम का युवक है। वीरेंद्र आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उसने तस्करों के गिरोह से जुड़े एक व्यक्ति से एक लाख रुपये उधार लिए थे।

जब वीरेंद्र समय पर उधार के रुपये नहीं चुका पाया, तो गिरोह के सरगना ने उस पर भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। पैसों की एवज में वीरेंद्र को सीमा पार से आने वाली नशीले पदार्थों की खेप उठाने की शर्त रखी गई। कर्ज के बोझ तले दबा वीरेंद्र मजबूरी और डर के कारण इस अवैध धंधे में शामिल होने के लिए तैयार हो गया।

3. पाकिस्तान से आई हेरोइन और हथियारों की डिलीवरी लेने की थी तैयारी

योजना के मुताबिक, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाके में एक बड़ी खेप गिराई गई थी। जेल में बैठे आका के निर्देश पर वीरेंद्र को तय लोकेशन पर भेजा गया था ताकि वह वहां से कंसाइनमेंट उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सके।

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस को इस संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना पहले ही मिल चुकी थी। जैसे ही वीरेंद्र डिलीवरी वाले स्थान पर पहुंचा और उसने सामान उठाने की कोशिश की, पहले से घात लगाकर बैठी पुलिस और सीमा सुरक्षा बल की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

4. बरामद हुई अवैध हेरोइन और आधुनिक हथियार

सुरक्षा बलों द्वारा मौके से वीरेंद्र को गिरफ्तार करने के बाद जब उसके कब्जे से मिला पैकेज खोला गया, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। बरामद किए गए सामान में शामिल हैं:

  • करोड़ों रुपये मूल्य की हेरोइन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत वाली उच्च गुणवत्ता की हेरोइन।

  • आधुनिक पिस्तौलें और कारतूस: पाकिस्तान में बने हुए अवैध हथियार और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस।

  • संचार उपकरण: नेटवर्क से जुड़े रहने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और सिम कार्ड।

5. जेल में सघन तलाशी अभियान जारी, कड़े सुरक्षा घेरे की पोल खुली

इस घटना के बाद पंजाब के पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सवाल उठ रहे हैं कि अति सुरक्षित मानी जाने वाली जेल के अंदर से कोई कैदी लगातार पाकिस्तानी तस्करों और बाहर के नेटवर्क से कैसे संपर्क में था?

घटना के तुरंत बाद संबंधित जेल में विशेष पुलिस बल द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया गया, ताकि जेल के अंदर अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को जब्त किया जा सके। इसके साथ ही इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य मददगारों और जेल अधिकारियों की भूमिका की भी कड़ाई से जांच की जा रही है।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)