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गोरखपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की लैंडिंग के दौरान पिछला हिस्सा रनवे से टकराया: पायलट ने तुरंत गो-अराउंड किया, 15 से 20 मिनट बाद सुरक्षित उतारा विमान


गोरखपुर एयरपोर्ट पर 19 अगस्त को दिल्ली से आ रही इंडिगो की उड़ान 6E 2381 की लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा टल गया। विमान के उतरते समय उसका पिछला हिस्सा यानी टेल रनवे से टकरा गया। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने विमान को दोबारा हवा में ले जाने का निर्णय लिया। करीब 15 से 20 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने पर विमान को सुरक्षित रूप से उतारा गया।

विमान में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों समेत कुल 178 लोग सवार थे। दोबारा लैंडिंग के बाद विमान की नियमित तकनीकी जांच की गई। इस दौरान पिछले हिस्से में ऑक्सिलरी पावर यूनिट के आसपास खरोंच के निशान पाए गए।

घटना के बाद विमान को फिलहाल उड़ान सेवा से अलग कर दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ विमान की विस्तृत जांच और आवश्यक मरम्मत कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों की तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद ही इसे दोबारा परिचालन में शामिल किया जाएगा।

सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया गो-अराउंड

इंडिगो के प्रवक्ता के अनुसार, विमान को दोबारा हवा में ले जाने का निर्णय पूरी तरह सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया। प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

लैंडिंग के दौरान किसी असामान्य स्थिति का पता चलने पर विमान को तुरंत फिर से हवा में ले जाना विमानन क्षेत्र में अपनाई जाने वाली मानक सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। इस स्थिति में पायलट ने भी यही प्रक्रिया अपनाई।

15 से 20 मिनट तक हवा में रहा विमान

एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पहली लैंडिंग के प्रयास के बाद विमान करीब 15 से 20 मिनट तक हवा में रहा। इस दौरान चालक दल ने स्थिति को नियंत्रित रखा और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से दोबारा उतरने की अनुमति ली।

अनुमति मिलने के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। पहली कोशिश के दौरान हुई घटना से कुछ यात्रियों में घबराहट जरूर हुई, लेकिन चालक दल ने उन्हें शांत रहने की सलाह दी।

जांच में टेल के पास मिले खरोंच के निशान

विमान के जमीन पर उतरने के बाद उसकी तकनीकी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पिछले हिस्से में ऑक्सिलरी पावर यूनिट के पास खरोंच के निशान मिले। विमान के टेल के रनवे से संपर्क की घटना को तकनीकी जांच के लिए दर्ज किया गया।

इसके बाद विमान को आगे की उड़ानों के लिए रोक दिया गया। अब विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि लैंडिंग के दौरान विमान का पिछला हिस्सा रनवे के संपर्क में किन परिस्थितियों में आया।

यात्रियों को दूसरे विमान से दिल्ली भेजा गया

विमान को सेवा से हटाए जाने के कारण यात्रियों की आगे की यात्रा भी प्रभावित हुई। इसी विमान को बाद में यात्रियों को लेकर दिल्ली लौटना था, लेकिन तकनीकी जांच के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।

यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए दिल्ली भेजने की व्यवस्था की गई। इसके चलते करीब पांच घंटे की देरी हुई। कई यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग उड़ानें छूटने का खतरा पैदा हुआ और कुछ लोगों के जरूरी कार्यक्रम भी प्रभावित हुए।

गोरखपुर एयरपोर्ट से रोजाना 20 से 22 उड़ानें

गोरखपुर एयरपोर्ट से प्रतिदिन करीब 20 से 22 उड़ानों का आवागमन होता है। यहां रनवे की लंबाई करीब 2.7 किलोमीटर है और एयरपोर्ट का संचालन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करता है।

एयरपोर्ट निदेशक संजय कुमार के अनुसार, विमान के पिछले हिस्से में टेल इम्पैक्ट के बाद खरोंच के निशान मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद विमान को जमीन पर ही रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि यात्रियों को दूसरे विमान से दिल्ली भेजा गया, जिसमें लगभग पांच घंटे की देरी हुई।

तकनीकी जांच के बाद ही दोबारा उड़ान भरेगा विमान

फिलहाल विमान को परिचालन से बाहर रखा गया है। उसकी तकनीकी स्थिति की जांच और मरम्मत का काम किया जा रहा है। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत आवश्यक परीक्षण और तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद ही इसे दोबारा उड़ान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। पायलट द्वारा समय रहते गो-अराउंड किए जाने से विमान को सुरक्षित तरीके से दोबारा उतार लिया गया।

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