राजस्थान के चर्चित एसडीएम थप्पड़कांड मामले में मुख्य आरोपी नरेश मीना की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब नरेश मीना खुद पुलिस थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण यानी सरेंडर करने की तैयारी में हैं।
दूसरी तरफ, पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में अपने रुख को और सख्त कर लिया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस अब नरेश मीना की संपत्तियों की व्यापक जांच कर रही है और उनके वित्तीय ब्योरे जुटाने में लगी हुई है।
1. कोर्ट ने रद्द की जमानत याचिका, गिरफ्तारी का बढ़ा दबाव
इस पूरे विवाद की शुरुआत उपचुनाव के दौरान हुई थी, जब नरेश मीना पर ड्यूटी पर तैनात उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगा था। घटना के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था और काफी दिनों तक कानूनी प्रक्रिया चली थी।
हाल ही में अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की गंभीरता और प्रशासनिक अधिकारियों पर हुए हमले को देखते हुए जमानत रद्द कर दी। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद पुलिस पर आरोपी को जल्द से जल्द हिरासत में लेने का दबाव बढ़ गया था। कानूनी शिकंजा कसता देख नरेश मीना ने अब स्वयं थाने पहुंचकर सरेंडर करने का मन बनाया है।
2. थप्पड़कांड के बाद भड़की थी भारी हिंसा और उपद्रव
घटना वाले दिन मतदान केंद्र के बाहर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था। एसडीएम के साथ हुई मारपीट के बाद समर्थकों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प हुई थी। इसके बाद इलाके में जमकर पथराव, आगजनी और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं।
इस उपद्रव के कारण इलाके में कई दिनों तक तनाव की स्थिति बनी रही और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। प्रशासन ने उस समय कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया था और मुख्य आरोपी के खिलाफ धाराएं बढ़ाकर जांच शुरू की थी।
3. पुलिस जुटा रही अवैध संपत्ति और वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड
अदालत से राहत न मिलने के बीच पुलिस प्रशासन ने अब एक नया और सख्त कानूनी कदम उठाया है। जांच एजेंसियां केवल आपराधिक मामले तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आरोपी नरेश मीना और उनके करीबियों की चल-अचल संपत्ति की पड़ताल में भी जुट गई हैं।
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राजस्व विभाग से मांगा गया रिकॉर्ड: पुलिस ने संबंधित तहसील और राजस्व अधिकारियों को पत्र लिखकर नरेश मीना के नाम दर्ज जमीनों, मकानों और व्यावसायिक संपत्तियों का पूरा ब्योरा मांगा है।
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बैंक खातों और वित्तीय स्रोतों की जांच: इसके साथ ही उनके अलग-अलग बैंक खातों, लेन-देन और आय के स्रोतों की गहनता से पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई अवैध निर्माण या बेनामी संपत्ति तो मौजूद नहीं है।
4. इलाके में पुलिस अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
सरेंडर की खबरों के बीच संभावित समर्थकों की भीड़ और शांति व्यवस्था में खलल की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है। संबंधित थाने और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। यदि सरेंडर के दौरान उपद्रव या नारेबाजी करने की कोशिश की गई तो पुलिस कड़ी वैधानिक कार्रवाई करेगी।

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