हरदा। मध्य प्रदेश में खाद बिक्री पर लगी रोक हटने के बाद मंगलवार से किसानों को खाद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हरदा में हालात अलग नजर आए। जिले में खाद वितरण की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से किसान एक बार फिर परेशान दिखाई दिए। MP स्टेट एग्रो केंद्र और डीएमओ केंद्र पर किसान खाद लेने पहुंचे, लेकिन उन्हें वितरण शुरू होने का इंतजार करना पड़ा।
किसानों का कहना है कि खेती के जरूरी समय में खाद की उपलब्धता सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। रोक हटने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि मंगलवार से आसानी से यूरिया मिल जाएगा, लेकिन वितरण केंद्रों पर प्रक्रिया शुरू नहीं होने से उनकी परेशानी बनी रही।
रोक हटने के बाद किसानों को थी राहत की उम्मीद
खाद बिक्री पर लगी रोक के कारण पिछले दिनों किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। किसान लंबे समय से खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे।
रोक हटने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि मंगलवार से वितरण व्यवस्था सामान्य हो जाएगी। इसी उम्मीद में कई किसान सुबह ही संबंधित केंद्रों पर पहुंच गए। हालांकि, MP स्टेट एग्रो और डीएमओ केंद्र पर खाद का वितरण शुरू नहीं हो सका।
किसानों को केंद्रों पर इंतजार करते हुए देखा गया। कई किसानों को यह स्पष्ट जानकारी भी नहीं मिल सकी कि वितरण प्रक्रिया कब से शुरू होगी।
8 हजार टन यूरिया उपलब्ध होने की जानकारी
जिले में करीब 8 हजार टन यूरिया उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद किसानों तक खाद नहीं पहुंच पाने से वितरण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
किसानों का कहना है कि यदि पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है तो उसे जल्द से जल्द निर्धारित केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जाना चाहिए, ताकि खेतों में खाद डालने का काम प्रभावित न हो।
वितरण व्यवस्था शुरू होने का इंतजार
हरदा में मंगलवार को किसान खाद लेने के लिए केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। किसानों का कहना है कि खाद की जरूरत को देखते हुए उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
किसानों के अनुसार खेती का काम मौसम और फसल की स्थिति के हिसाब से करना पड़ता है। खाद मिलने में देरी होने पर खेतों में जरूरी समय पर उसका उपयोग नहीं हो पाता।
किसानों ने जल्द वितरण की मांग की
किसानों ने मांग की है कि उपलब्ध यूरिया का जल्द वितरण शुरू किया जाए और केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही किसानों को टोकन, वितरण का समय और उपलब्ध खाद की मात्रा की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
किसानों का कहना है कि यदि केंद्रों पर व्यवस्था पहले से स्पष्ट हो तो उन्हें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
खाद की उपलब्धता के बावजूद परेशानी क्यों?
जिले में यूरिया की उपलब्धता की जानकारी होने के बावजूद वितरण शुरू नहीं होने से किसानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसान यह जानना चाहते हैं कि जब खाद उपलब्ध है तो उसे केंद्रों तक पहुंचाकर वितरण क्यों नहीं किया जा रहा।
वितरण व्यवस्था शुरू होने में देरी का असर उन किसानों पर पड़ सकता है जिन्हें तत्काल यूरिया की जरूरत है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने जल्द व्यवस्था सामान्य करने की चुनौती है।
मंगलवार से वितरण शुरू होने की थी उम्मीद
खाद बिक्री पर लगी रोक हटने के बाद मंगलवार से वितरण शुरू होने की उम्मीद जताई गई थी। इसी आधार पर किसान केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर इंतजार करना पड़ा।
अब किसानों की नजर इस बात पर है कि MP स्टेट एग्रो और डीएमओ केंद्रों पर खाद वितरण कब से नियमित रूप से शुरू होता है। किसानों की मांग है कि उपलब्ध 8 हजार टन यूरिया का पारदर्शी तरीके से वितरण किया जाए और जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए।

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