वार्ड-15 में सड़कों पर मवेशियों की समस्या का निराकरण, वार्ड-4 में खतरनाक शाखाओं की कराई छंटाई; वार्ड-43 की शिकायत अब भी लंबित
शहर में नागरिकों की समस्याओं को जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए शुरू किए गए शिकायत मंच पर लगातार अलग-अलग वार्डों से शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ मामलों में शिकायत मिलते ही पार्षदों ने मौके पर कार्रवाई कराकर समस्या का निराकरण कराया, जबकि कुछ शिकायतें अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं।
वार्ड-15 में सड़कों पर मवेशियों की समस्या हुई दूर
वार्ड-15 के गांधी नगर और गोमटगिरी क्षेत्र में रहने वाले बाबा राजेश चांदवानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मवेशियों को दोबारा सड़कों पर छोड़ दिया जा रहा है। सड़क पर खुले घूमते मवेशियों के कारण वाहन चालकों के साथ राहगीरों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ था।
शिकायत सामने आने के बाद पार्षद ममता सुभाष सुनेर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित समस्या के निराकरण के लिए कार्रवाई कराई। शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान होने के बाद पार्षद ने स्वयं इसकी पुष्टि की। कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों को सड़क पर मवेशियों के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
वार्ड-4 में पेड़ों की खतरनाक शाखाओं की छंटाई
वार्ड-4 के एयरपोर्ट रोड स्थित साधना नगर उद्यान को लेकर निवासी कैलाश चंद छाबड़ा ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उद्यान में लगे कई पेड़ों की ऊंचाई करीब 70 से 80 फीट तक है। तेज आंधी और बारिश के दौरान इनकी बड़ी शाखाएं टूटकर गिरने से लोगों के लिए खतरा बना रहता था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ दिन पहले आई तेज आंधी के दौरान भी कई शाखाएं टूटकर गिर गई थीं। इसके बाद उन्होंने समस्या की जानकारी संबंधित मंच पर दी। शिकायत मिलने पर पार्षद बरखा नितिन मालू ने मामले का संज्ञान लिया और उद्यान में खतरनाक पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कराई। पार्षद की ओर से भी कार्रवाई पूरी होने की पुष्टि की गई।
वार्ड-43 में पेड़ कटने के बाद नहीं उठा मलबा
वहीं, वार्ड-43 के जंजीरवाला स्क्वायर और पलासिया क्षेत्र से राहुल ने शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि करीब छह दिन पहले सड़क किनारे पेड़ काटे गए थे, लेकिन कटे हुए पेड़ों और शाखाओं का मलबा अब तक नहीं हटाया गया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, मलबा बैंक के सामने ही पड़ा हुआ है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और सड़क किनारे अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। राहुल का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अभी तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत
एक ही शहर के अलग-अलग वार्डों से सामने आई इन शिकायतों से स्पष्ट है कि नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याएं कई स्तरों पर बनी हुई हैं। कुछ मामलों में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से तत्काल राहत मिली है, जबकि लंबित शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को भी तत्परता दिखाने की आवश्यकता है।
मवेशियों की वजह से दुर्घटना का खतरा हो या पेड़ों के मलबे से रास्ता बाधित होने की समस्या, समय पर कार्रवाई होने से नागरिकों को राहत मिल सकती है। वार्ड-43 की शिकायत पर अब स्थानीय लोगों की नजर संबंधित जिम्मेदारों की कार्रवाई पर बनी हुई है।

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