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विधायक संजय पाठक ने पार्षदों को फटकारा, बोले- निर्माण कार्यों में गड़बड़ी मत करो; मृतकों की सहायता राशि में कमीशन लेना शर्मनाक


कटनी। पूर्व मंत्री और विधायक संजय पाठक ने नगर क्षेत्र में निर्माण कार्यों और मृतक परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि को लेकर पार्षदों को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में कमीशन और सामग्री की हेराफेरी की शिकायतें उनके सामने आती रहती हैं, लेकिन किसी मृत व्यक्ति के परिवार को मिलने वाली राशि में हिस्सा लेना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

विधायक ने पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें निर्माण कार्यों में होने वाली अनियमितताओं की जानकारी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग काम के दौरान सीमेंट और रेत जैसी निर्माण सामग्री में भी हिस्सा मांगते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों के बावजूद मृतक परिवारों की सहायता राशि से किसी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाना चाहिए।

निर्माण कार्यों में सीमेंट और रेत को लेकर जताई नाराजगी

संजय पाठक ने कहा कि निर्माण कार्यों में छोटी-छोटी चीजों में भी अनियमितता की शिकायतें उन्हें मिलती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ लोग दो बोरी सीमेंट मांग लेते हैं और कहीं रेत की हेराफेरी की जाती है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता के हित में काम करने की है। यदि विकास कार्यों में इस तरह की गड़बड़ियां होती हैं तो इससे सरकारी काम की गुणवत्ता और लोगों का भरोसा दोनों प्रभावित होते हैं।

मृतक परिवारों की सहायता राशि में कमीशन पर आपत्ति

विधायक ने सबसे ज्यादा जोर मृतक परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि पर दिया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता पहले ही दुख की स्थिति से गुजर रहे परिजनों के लिए जरूरी होती है।

उन्होंने कहा कि ऐसी राशि में किसी भी प्रकार की कटौती या कमीशन लेना मानवीय दृष्टि से भी गलत है। जनप्रतिनिधियों को ऐसे परिवारों की मदद करनी चाहिए, न कि उनकी मजबूरी का फायदा उठाना चाहिए।

बोले- कम से कम मानवता तो रखो

अपने संबोधन में विधायक ने पार्षदों से कहा कि निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों में जो भी अनियमितताएं हों, उन्हें लेकर वे जानकारी रखते हैं, लेकिन मृतक परिवारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को यह समझना चाहिए कि आर्थिक सहायता पाने वाला परिवार पहले ही अपने किसी सदस्य को खो चुका होता है। ऐसे समय में उसकी मदद करना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है।

पार्षदों को जनता के प्रति जवाबदेही याद दिलाई

संजय पाठक ने पार्षदों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा कि जनता ने उन्हें अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है। इसलिए विकास कार्यों और सरकारी सहायता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी योजना या सहायता की राशि जरूरतमंद व्यक्ति तक पूरी तरह पहुंचनी चाहिए। इसमें किसी तरह की कटौती या निजी लाभ की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

बयान के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा

विधायक के इस बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने जिन अनियमितताओं का उल्लेख किया है, उनमें निर्माण सामग्री और सहायता राशि से जुड़े आरोप शामिल हैं।

हालांकि, विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

विधायक ने अपने संबोधन के जरिए पार्षदों से साफ तौर पर कहा कि जनता के पैसों और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली सहायता के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या निजी लाभ की कोशिश स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।





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