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राजगढ़ हत्याकांड में नया मोड़, एएसआई के समर्थन में उतरे पूर्व सैनिक

राजगढ़ जिले के इकलेरा गांव में जमीन विवाद के दौरान गोली लगने से दीपक मोवे की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले में सहायक उपनिरीक्षक दिलीप कुंभकार के समर्थन में पूर्व सैनिक संगठन सामने आया है। संगठन के सदस्यों ने कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व सैनिकों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना की पूरी परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच होना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जांच किसी दबाव या पूर्वाग्रह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

जमीन विवाद के दौरान हुई थी गोलीबारी

जानकारी के अनुसार इकलेरा गांव में जमीन विवाद को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। इसी दौरान गोली चलने से दीपक मोवे की मौत हो गई थी। घटना के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए।

मामले में एएसआई दिलीप कुंभकार का नाम सामने आने के बाद अब पूर्व सैनिक संगठन ने उनके समर्थन में प्रशासन का रुख किया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच निष्पक्ष रूप से की जानी चाहिए।

पूर्व सैनिकों ने प्रशासन से मांग की कि मामले में उपलब्ध दस्तावेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जाए। उनका कहना है कि जांच के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

एएसआई के समर्थन में सामने आया संगठन

पूर्व सैनिक संगठन ने एएसआई दिलीप कुंभकार के पक्ष में अपना समर्थन जताते हुए कहा कि उन्हें भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही की जाए।

संगठन का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से होती है तो घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

पूर्व सैनिकों ने कलेक्टर से मांग की कि मामले की जांच पारदर्शी तरीके से कराई जाए और यदि किसी व्यक्ति की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं यदि किसी पर लगाए गए आरोप जांच में सही नहीं पाए जाते हैं तो उसे भी उचित राहत मिलनी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के बाद अब प्रशासन और पुलिस की जांच पर सभी की नजर है। घटना से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोलीबारी की परिस्थितियां क्या थीं और दीपक मोवे की मौत के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

फिलहाल मामले में पूर्व सैनिक संगठन के सामने आने के बाद विवाद ने नया रूप ले लिया है। एक ओर मृतक के मामले में कार्रवाई की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर एएसआई के समर्थन में निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

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