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मंत्रियों के साथ दो दिन मंथन करेंगे सीएम मोहन यादव: कलेक्टर-कमिश्नर और विभाग प्रमुख भी रहेंगे मौजूद, विकास की आगे की रूपरेखा पर होगी चर्चा


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सितंबर में मंत्रियों के साथ दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान सरकार के अब तक के कामकाज की समीक्षा के साथ आने वाले समय की प्राथमिकताओं और विकास की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

इस बार की बैठक में मंत्रियों के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। कलेक्टर-कमिश्नर से लेकर विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी शिविर में मौजूद रहेंगे। इससे विभागीय योजनाओं के साथ जिलों की स्थिति पर भी सीधे चर्चा किए जाने की तैयारी है।

प्रभार वाले जिलों की स्थिति पर भी होगी चर्चा

चिंतन शिविर में मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति को भी समीक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री की इच्छा है कि संबंधित जिलों में चल रहे विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और स्थानीय समस्याओं पर अधिकारियों से सीधे जानकारी ली जाए।

बैठक के दौरान जिलों की प्रमुख चुनौतियों को सामने रखकर उनके समाधान पर चर्चा होगी। जरूरत के अनुसार कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल-जवाब भी किए जा सकेंगे।

भोपाल में आयोजित करने की तैयारी

चिंतन शिविर को राजधानी भोपाल में आयोजित करने का प्रस्ताव है। सामान्य तौर पर ऐसे शिविर राजधानी से बाहर शांत और एकांत स्थानों पर आयोजित किए जाते रहे हैं, लेकिन इससे मंत्रियों और अधिकारियों के आने-जाने तथा ठहरने पर अतिरिक्त खर्च होता है।

इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शिविर भोपाल में ही आयोजित करने का सुझाव दिया है। इससे मंत्रियों और अधिकारियों को बाहर ठहरने की आवश्यकता नहीं होगी और वे बैठक के बाद अपने घर लौट सकेंगे। इस व्यवस्था से आवागमन और ठहरने पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी।

मंत्रियों के समूह बनाकर होगी समीक्षा

दो दिवसीय कार्यक्रम में मंत्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर विभागीय कामकाज की समीक्षा किए जाने की योजना है। प्रत्येक समूह में तीन से चार विभागों से जुड़े मंत्री शामिल हो सकते हैं।

इन समूहों में पिछले ढाई वर्षों में हुए कार्यों, योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के संकल्प पत्र में किए गए वादों के अनुरूप अगले ढाई वर्षों में किए जाने वाले कार्यों की प्राथमिकताएं भी तय की जा सकती हैं।

आगे की कार्ययोजना पर रहेगा जोर

चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकार के बचे हुए कार्यकाल के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करना माना जा रहा है। विभागों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद आगामी ढाई वर्षों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और योजनाओं को गति देने पर विचार होगा।

जिलों के स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ताकि सरकार की योजनाओं का प्रभाव जमीन पर बेहतर तरीके से दिखाई दे सके।

शिवराज सरकार में भी हुए थे ऐसे आयोजन

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी चिंतन शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। वर्ष 2022 में शिवराज मंत्रिमंडल ने पचमढ़ी में दो दिवसीय चिंतन शिविर किया था। उस दौरान वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार की योजनाओं और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया था।

अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तावित दो दिवसीय शिविर में वर्तमान सरकार के कामकाज की समीक्षा के साथ आगामी ढाई वर्षों की प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं की दिशा तय करने पर विशेष जोर रहेगा।

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