बृजपुर और शाहनगर क्षेत्र में बारिश का कहर, मकान गिरने से कई परिवारों के सामने रहने का संकट
पन्ना जिले में पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बरसात के कारण जिले के कई हिस्सों में हालात बिगड़ गए हैं। बृजपुर उप-तहसील के ग्राम सिरस्वाहा और शाहनगर क्षेत्र के रमगढ़ा में कई कच्चे मकान भरभराकर ढह गए। मकानों के गिरने से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है।
लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों की दीवारें और छतें कमजोर हो गई थीं। पानी लगातार रिसने और मिट्टी में नमी बढ़ने के कारण कई मकानों ने दबाव झेलना बंद कर दिया। इसके बाद एक-एक कर मकान धराशायी होने लगे। गनीमत रही कि कई स्थानों पर समय रहते परिवारों ने घर खाली कर दिए थे, जिससे बड़े जनहानि की स्थिति नहीं बनी।
बारिश से कमजोर हुए कच्चे मकान
गांवों में लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक असर कच्चे मकानों पर पड़ा है। सिरस्वाहा और रमगढ़ा में मकानों के गिरने के बाद प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। कई परिवारों का घरेलू सामान मलबे में दब गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण पहले ही घरों की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी थीं। इसके बावजूद बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में अन्य जर्जर मकानों में रह रहे परिवार भी खतरे की आशंका के बीच रहने को मजबूर हैं।
प्रभावित परिवारों के सामने बढ़ी मुश्किलें
मकान ढहने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित ठिकाने की है। बारिश के बीच घर और गृहस्थी का सामान गंवाने से परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का तत्काल सर्वे कराने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण गांवों में आवागमन भी प्रभावित हुआ है। कई रास्तों पर पानी भरने और कीचड़ जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
प्रशासन से राहत की उम्मीद
मकान गिरने की घटनाओं के बाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से स्थिति का जायजा लेने और नुकसान का आकलन करने की जरूरत बढ़ गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भोजन, तिरपाल और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था की जाए।
पन्ना में पांच दिनों से जारी बारिश के बीच ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों पर खतरा लगातार बना हुआ है। मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो अन्य जर्जर मकानों के लिए भी संकट बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों तक समय रहते राहत पहुंचाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की चुनौती है।

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