राष्ट्रीय समाचार

आगरा से राजगढ़ तक 1300 किमी की मशाल यात्रा, देवास पहुंचने पर हुआ स्वागत

 

छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा किले से निकलकर स्वराज लौटने की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में यात्रा, युवाओं में दिखा उत्साह

देवास में छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा किले से चतुराईपूर्वक निकलकर स्वराज लौटने की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में निकाली जा रही मशाल यात्रा शुक्रवार देर शाम पहुंची। आगरा से राजगढ़ तक करीब 1300 किलोमीटर की यह यात्रा शिवाजी महाराज के साहस, सूझबूझ और स्वराज के संकल्प की स्मृति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।

शनिवार सुबह देवास पहुंची यात्रा का विधायक गायत्री राजे पवार ने स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय लोग मौजूद रहे। यात्रा के स्वागत के दौरान उत्साह का वातावरण रहा और लोगों ने मशाल यात्रा में शामिल प्रतिभागियों का अभिनंदन किया।

पैदल और साइकिल से तय किया जा रहा सफर

यात्रा में शामिल लोग पैदल और साइकिल से लंबी दूरी तय कर रहे हैं। आगरा से शुरू हुई यह यात्रा विभिन्न शहरों और कस्बों से होकर राजगढ़ की ओर बढ़ रही है। यात्रा के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, उनके संघर्ष और स्वराज की स्थापना के संकल्प से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

देवास पहुंचने के बाद यात्रा से जुड़े लोगों ने शहर में विभिन्न स्थानों पर लोगों से संवाद किया। युवाओं ने भी यात्रा में उत्साह के साथ भागीदारी की।

शिवाजी महाराज के साहस को किया जा रहा स्मरण

मशाल यात्रा का मुख्य उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज की उस ऐतिहासिक घटना को स्मरण करना है, जब उन्होंने आगरा किले से कुशल रणनीति के माध्यम से निकलकर स्वराज की ओर वापसी की थी। यात्रा के माध्यम से उनके अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

आयोजकों का कहना है कि यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का अभियान नहीं है, बल्कि इतिहास की उस प्रेरणादायी घटना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है, जिसने शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और संघर्ष को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

युवाओं में खासा उत्साह

देवास में यात्रा के पहुंचने के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई युवा यात्रा में शामिल प्रतिभागियों के साथ पैदल चले और उनका उत्साहवर्धन किया। स्थानीय लोगों ने भी यात्रा का स्वागत किया और छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति से जुड़े इस अभियान की सराहना की।

आगरा से शुरू हुई मशाल यात्रा अब अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना होगी। करीब 1300 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यात्रा राजगढ़ पहुंचेगी, जहां शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक स्मृति को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)