भोपाल। वर्ग 1 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि और सेकंड काउंसलिंग की मांग को लेकर चयनित शिक्षकों ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में चयनित शिक्षक नीलम पार्क पहुंचे और धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे हजारों चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।
शिक्षकों ने कहा कि वे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई और रिक्त पदों पर अवसर दिए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती से जुड़े एक मामले के कारण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और इसका खामियाजा हजारों चयनित अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
11 अभ्यर्थियों के मामले से प्रक्रिया अटकी
प्रदर्शन कर रहे चयनित शिक्षकों का कहना है कि महज 11 उम्मीदवारों से जुड़े मामले के कारण करीब डेढ़ साल से बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति और आगे की प्रक्रिया का इंतजार करना पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि पूरे भर्ती वर्ग को प्रभावित करने के बजाय संबंधित मामले का समाधान अलग स्तर पर किया जाना चाहिए, ताकि बाकी चयनित अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
उनका कहना है कि लंबे समय से इंतजार करने के बावजूद उन्हें स्पष्ट स्थिति नहीं बताई जा रही है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पदवृद्धि की मांग
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों की प्रमुख मांगों में वर्ग 1 के रिक्त पदों में बढ़ोतरी करना शामिल है। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग में शिक्षकों के कई पद खाली हैं। ऐसे में इन रिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि पदवृद्धि होने से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा और स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
सेकंड काउंसलिंग की भी मांग
चयनित शिक्षकों ने सेकंड काउंसलिंग कराने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि पहली प्रक्रिया के बाद भी बड़ी संख्या में पद खाली रह सकते हैं। ऐसे में दूसरी काउंसलिंग कराकर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया जाना चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लंबा खींचने के बजाय विभाग को स्पष्ट समयसीमा के साथ आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
बारिश में भी जारी रहा धरना
मंगलवार को राजधानी में मौसम खराब होने और बारिश के बावजूद शिक्षक नीलम पार्क में धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और शासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
शिक्षकों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि अब उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है।
हजारों चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का असर केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में चयनित उम्मीदवार लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने से अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ रही है।
शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि संबंधित मामले का जल्द निराकरण कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही रिक्त पदों में वृद्धि और सेकंड काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि अधिक से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सके।

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