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क्या TET में फेल हुए तो नौकरी जाएगी? जानिए किसे देनी होगी परीक्षा, दूसरा मौका और 2028 की समयसीमा का मतलब

 

मध्यप्रदेश में लंबे समय से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के सामने अब शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास करने की चुनौती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई सेवारत शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करना जरूरी हो गया है। ऐसे शिक्षक जो वर्षों से सेवा में हैं और जिनकी नियुक्ति के समय TET अनिवार्य शर्त नहीं थी, उन्हें अब निर्धारित समयसीमा में यह पात्रता हासिल करनी होगी।

मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए TET 2026 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परीक्षा 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन 21 अगस्त से 4 सितंबर तक किए जा सकते हैं, जबकि आवेदन में सुधार की सुविधा 9 सितंबर तक उपलब्ध रहेगी।

किन शिक्षकों को TET देना होगा

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर कार्यरत ऐसे शिक्षक, जिन्होंने पहले TET पास नहीं किया है और जिनकी नियुक्ति शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने से पहले हुई थी, उन्हें निर्धारित अवधि में TET उत्तीर्ण करनी होगी। यह व्यवस्था खास तौर पर उन शिक्षकों पर लागू है, जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच साल से अधिक समय बाकी है।

वहीं जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए TET पास करने की अनिवार्यता से अलग रखा गया है। हालांकि ऐसे शिक्षक TET के बिना पदोन्नति का लाभ नहीं ले सकेंगे।

TET में फेल हुए तो क्या नौकरी चली जाएगी

TET पास करना अब केवल भर्ती के समय की पात्रता नहीं रह गया है। संबंधित श्रेणी के सेवारत शिक्षकों को तय समयसीमा के भीतर यह परीक्षा पास करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने TET की अंतिम समयसीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसके बाद और समय बढ़ाने की गुंजाइश नहीं होगी।

इसका मतलब यह है कि किसी शिक्षक के 2026 में परीक्षा पास नहीं करने पर तत्काल उसी समय नौकरी समाप्त होने की स्थिति नहीं बनती। उनके पास 31 अगस्त 2028 तक पात्रता हासिल करने का अवसर रहेगा। लेकिन तय समयसीमा तक TET पास नहीं करने वाले संबंधित शिक्षकों की सेवा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

क्या दूसरा मौका मिलेगा

2028 तक समय दिए जाने का एक बड़ा मतलब यह है कि शिक्षक के पास एक से अधिक परीक्षा अवसर मिलने की संभावना रहती है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को इस अवधि में TET परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। मध्यप्रदेश में भी सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा आयोजित की जा रही है।

इसलिए 2026 की परीक्षा में सफल नहीं होने वाले शिक्षकों के लिए अगली निर्धारित परीक्षा में शामिल होकर पात्रता हासिल करने का रास्ता रहेगा। हालांकि हर परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध अवसर संबंधित अधिसूचना के अनुसार ही तय होंगे।

2028 तक समय मिलने का क्या मतलब है

सुप्रीम कोर्ट ने पहले निर्धारित दो साल की अवधि को बढ़ाकर तीन साल कर दिया है। अब शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करनी होगी। यह अतिरिक्त समय शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी और आवश्यक पात्रता हासिल करने का अवसर देता है।

इस समयसीमा का अर्थ यह नहीं है कि शिक्षक 2028 तक परीक्षा को टालते रहें। मध्यप्रदेश में 2026 की परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और करीब डेढ़ लाख सेवारत शिक्षकों के लिए यह महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है।

मध्यप्रदेश में कैसी होगी परीक्षा

सेवारत प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए परीक्षा का स्वरूप अलग-अलग रखा गया है। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन जैसे विषय शामिल हैं। माध्यमिक स्तर पर सामान्य हिंदी, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, तार्किक एवं आंकिक योग्यता, शिक्षाशास्त्र और संबंधित विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे।

इसलिए 15 से 20 साल से पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए भी यह परीक्षा महत्वपूर्ण है। वर्षों का शिक्षण अनुभव होने के बावजूद अब निर्धारित पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी है। 2028 की समयसीमा को अंतिम अवसर मानते हुए शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी।

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