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केंद्र से राशि आने तक खर्च पर रोक, विभागों को तुरंत दावे भेजने के निर्देश

 

मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र की मदद से संचालित योजनाओं में बजट प्रबंधन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। वित्त विभाग ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि की उम्मीद में राज्य के बजट से पहले ही खर्च न किया जाए। केंद्र का हिस्सा मिलने के बाद ही संबंधित योजना में राज्यांश की राशि निकाली जा सकेगी।

निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित विभाग के बजट नियंत्रण अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों की जानकारी भी मांगी गई है, जिनमें राज्य के बजट से राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार से मिलने वाला हिस्सा अभी प्राप्त नहीं हुआ है।

वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी की ओर से जारी निर्देश में बताया गया है कि कुछ केंद्र आधारित योजनाओं में केंद्र से राशि मिलने की प्रतीक्षा के दौरान राज्य के बजट से अग्रिम खर्च किया गया। इसके बाद केंद्र से मिलने वाली राशि प्राप्त होने में देरी हुई। इससे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

वित्त विभाग ने इस व्यवस्था को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति पर अनावश्यक असर न पड़े।

केंद्र का हिस्सा मिलने से पहले अग्रिम खर्च नहीं

नए निर्देश के बाद केंद्र की सहायता से संचालित योजनाओं में केंद्रांश प्राप्त होने से पहले राज्य सरकार के बजट से अग्रिम भुगतान नहीं किया जा सकेगा। इससे राज्य की राशि लंबे समय तक केंद्र से मिलने वाले हिस्से की प्रतीक्षा में फंसे रहने की स्थिति को कम किया जा सकेगा।

खर्च के बाद केंद्र को तुरंत भेजना होगा दावा

जिन योजनाओं में खर्च करना जरूरी है, उनमें राज्यांश की राशि खर्च होने के तुरंत बाद संबंधित केंद्रीय मंत्रालय को केंद्र के हिस्से की राशि प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव भेजना होगा। वित्त विभाग का उद्देश्य केंद्र से मिलने वाली राशि में होने वाली देरी को कम करना है।

उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा करना जरूरी

जिन योजनाओं में पहले जारी की गई केंद्रीय राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं, उन्हें संबंधित योजना के नियमों और वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार तत्काल भेजना होगा। इसके लिए पीएफएमएस पोर्टल या संबंधित केंद्रीय मंत्रालय की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाएगा।

लंबित केंद्रांश के लिए अलग से निगरानी

सभी बजट नियंत्रण अधिकारियों को अपने विभाग की ऐसी योजनाओं की सूची तैयार करने के लिए कहा गया है, जिनमें केंद्र सरकार से राशि मिलना बाकी है। संबंधित अधिकारियों को केंद्रीय मंत्रालयों के साथ लगातार संपर्क में रहकर लंबित केंद्रांश प्राप्त कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

केंद्र की योजनाओं में वेतन भुगतान को लेकर भी निर्देश

केंद्र की सहायता से चलने वाली योजनाओं में वेतन भुगतान के लिए एसएनए खाते से रिफंड राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया में वित्त विभाग के पहले जारी निर्देशों का पालन करना होगा।

वहीं, जिन केंद्रीय योजनाओं में सीएनए व्यवस्था के तहत विभागों के बैंक खातों में राशि सीधे पहुंच रही है, वहां प्राप्त राशि को संबंधित राज्य बजट मद से मिलान करना होगा। इसके बाद राशि को मुख्य शीर्ष 1601 के माध्यम से कोषालय में तत्काल स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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