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एमपी में मूंग खरीदी का कोटा बढ़ा, केंद्र ने 84,492 टन अतिरिक्त मंजूर किया

 

मध्य प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए तय सीमा बढ़ा दी है। राज्य सरकार की मांग पर केंद्र ने मूंग खरीदी का कोटा 84,492 टन बढ़ाने की मंजूरी दी है। इसके बाद मध्य प्रदेश का कुल खरीदी कोटा 4,54,580 टन से बढ़कर 5,39,072 टन हो गया है।

कोटा बढ़ने के बाद प्रदेश में अब तक किसानों से खरीदी गई मूंग की मात्रा भी केंद्र द्वारा तय नई सीमा में शामिल हो गई है। राज्य सरकार अब तक करीब 5.32 लाख टन मूंग की खरीदी कर चुकी है। पहले निर्धारित सीमा के मुकाबले खरीदी अधिक होने की स्थिति बन रही थी, इसलिए राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त कोटा देने की मांग की थी।

पहले 4.54 लाख टन था खरीदी का कोटा

मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए केंद्र सरकार ने पहले 4,54,580 टन की सीमा तय की थी। इस सीमा के तहत ही राज्य में किसानों से मूंग खरीदी की जा रही थी।

खेती का उत्पादन और किसानों की उपज को देखते हुए राज्य में खरीदी की मात्रा निर्धारित सीमा के करीब पहुंच गई। इसके बाद राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त मात्रा की अनुमति देने का अनुरोध किया।

अब केंद्र की मंजूरी के बाद खरीदी की सीमा 5,39,072 टन हो गई है। यानी पहले की तुलना में 84,492 टन अतिरिक्त मूंग की खरीदी की अनुमति मिल गई है।



5.32 लाख टन मूंग पहले ही खरीदी जा चुकी

राज्य में अब तक किसानों से करीब 5.32 लाख टन मूंग खरीदी जा चुकी है। नए कोटे की मंजूरी के बाद यह पूरी मात्रा केंद्र की निर्धारित सीमा के अंदर आ गई है।

नई सीमा 5,39,072 टन होने के बाद अब तक खरीदी गई 5.32 लाख टन मूंग के लिए पर्याप्त कोटा उपलब्ध है। इससे खरीदी प्रक्रिया को लेकर बनी स्थिति भी स्पष्ट हो गई है।

84,492 टन की अतिरिक्त मंजूरी क्यों जरूरी थी

केंद्र द्वारा पहले तय कोटा 4,54,580 टन था। प्रदेश में किसानों से इससे अधिक मात्रा में मूंग खरीदी की जरूरत सामने आई। ऐसे में यदि अतिरिक्त कोटा नहीं मिलता तो खरीदी गई मूंग की पूरी मात्रा को केंद्रीय समर्थन मूल्य व्यवस्था के तहत समायोजित करने में परेशानी हो सकती थी।

राज्य सरकार ने इसी वजह से केंद्र के सामने अतिरिक्त कोटे का मामला रखा। अब 84,492 टन की अतिरिक्त अनुमति मिलने के बाद खरीदी की कुल सीमा बढ़कर 5,39,072 टन हो गई है।

मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त को भेजा था पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 अगस्त को केंद्रीय कृषि मंत्रालय को पत्र भेजकर मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने की मांग की थी। राज्य सरकार की ओर से केंद्र को बताया गया था कि प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर बड़ी मात्रा में मूंग खरीदी की जा रही है और निर्धारित कोटा पर्याप्त नहीं है।

मुख्यमंत्री की मांग के बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए अतिरिक्त 84,492 टन मूंग खरीदी की अनुमति दे दी।

नाफेड और एनसीसीएफ करेंगे मूंग का उठाव

खरीदी गई मूंग को नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से लिया जाएगा। इन संस्थाओं के जरिए मूंग का उठाव होने से राज्य सरकार को खरीदी गई उपज का पूरा वित्तीय भार अपने स्तर पर उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस व्यवस्था से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त दबाव नहीं आएगा। साथ ही समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया में शामिल किसानों की उपज को केंद्रीय व्यवस्था के तहत आगे भेजने का रास्ता भी साफ हो गया है।

किसानों के लिए क्या बदला

कोटा बढ़ने का सीधा फायदा उन किसानों को होगा, जिनकी मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था में शामिल है। पहले तय सीमा के कारण खरीदी की मात्रा को लेकर जो दबाव बन रहा था, वह अब कम हो गया है।

राज्य सरकार द्वारा खरीदी गई करीब 5.32 लाख टन मूंग नई स्वीकृत सीमा के भीतर आ गई है। इससे खरीदी प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हुई है और केंद्र की ओर से अतिरिक्त मात्रा की मंजूरी मिलने के बाद राज्य की व्यवस्था को भी राहत मिली है।

अब कुल सीमा 5.39 लाख टन

केंद्र की नई मंजूरी के बाद मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए कुल सीमा 5,39,072 टन हो गई है। पहले यह सीमा 4,54,580 टन थी। यानी केंद्र ने प्रदेश की मांग पर कुल सीमा में 84,492 टन की बढ़ोतरी की है।

राज्य सरकार की ओर से किसानों से खरीदी जा चुकी मूंग की मात्रा को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण मंजूरी माना जा रहा है। नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से खरीदी गई उपज का उठाव होने से राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर भी अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

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