राष्ट्रीय समाचार

एपल के एप स्टोर पर वापस लौटा टेलीग्राम: 'पेज नॉट फाउंड' की आ रही थी समस्या; जानिए रूस में क्यों घिरे हैं इसके मालिक


मैसेजिंग एप टेलीग्राम को इस्तेमाल करने वाले लाखों यूजर्स के लिए एक राहत भरी खबर आई है। एपल के एप स्टोर से अचानक गायब होने के बाद टेलीग्राम अब वापस लौट आया है। टेलीग्राम कंपनी ने खुद सर्विस के दोबारा रिस्टोर होने की आधिकारिक जानकारी दी है।

कंपनी का कहना है कि एप को स्टोर पर फिर से चालू कर दिया गया है और बहुत जल्द यह सभी आईफोन (iOS) यूजर्स के लिए सामान्य रूप से डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध हो जाएगा। हालांकि, टेलीग्राम प्रशासन ने इस बात का कोई खुलासा नहीं किया है कि एप अचानक स्टोर से क्यों हटा था या इसे वापस लाने में क्या तकनीकी कदम उठाए गए।

सुबह दिख रहा था 'पेज नॉट फाउंड' का एरर

इससे पहले दिन में जब अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर्स ने इसकी पड़ताल की, तो एपल के एप स्टोर पर टेलीग्राम का मुख्य पेज पूरी तरह गायब मिला। जब भी कोई यूजर टेलीग्राम को ढूंढने की कोशिश कर रहा था, तो स्क्रीन पर एक मैसेज लिखा आ रहा था: "द पेज यू आर लुकिंग फॉर कांट बी फाउंड"। यानी आप जिस पेज को ढूंढ रहे हैं, वह मौजूद नहीं है।

जानिए क्या होता है 'Page Not Found' या 404 एरर?

जब भी आप किसी वेबसाइट या एप के लिंक पर क्लिक करते हैं और स्क्रीन पर 'Page Not Found' लिखा आता है, तो इसे तकनीकी भाषा में 404 एरर कोड कहते हैं। ऐसा मुख्य रूप से तीन वजहों से होता है:

  1. जब किसी एप या वेबसाइट का मुख्य लिंक एक्टिव न हो।

  2. जब सर्वर के डेटाबेस से वह फाइल या डेटा हट जाता है।

  3. जब कंपनी के मुख्य सर्वर में कोई बड़ी तकनीकी खराबी आ जाती है।

इसका सीधा सा मतलब यही होता है कि जिस वेब एड्रेस (URL) तक यूजर पहुंचने की कोशिश कर रहा है, वह उस समय सर्वर पर मौजूद ही नहीं है।

रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव को वॉन्टेड लिस्ट में डाला

एप स्टोर के इस विवाद के बीच टेलीग्राम के मालिक और फाउंडर पावेल दुरोव की मुश्किलें भी काफी बढ़ गई हैं। रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी एफएसबी (फेडरल सिक्योरिटी सर्विस) ने पावेल दुरोव के खिलाफ बेहद गंभीर मामले दर्ज किए हैं। उन पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है और इसके बाद रूस ने उन्हें अपनी इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी शामिल कर लिया है।

रूसी सुरक्षा एजेंसी का सीधा आरोप है कि टेलीग्राम का मैनेजमेंट उन चैनल्स, ग्रुप्स, चैट्स और ऑटोमेटेड बोट्स को डिलीट करने में पूरी तरह नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन की खुफिया एजेंसियां और कट्टरपंथी संगठन रूस के खिलाफ कर रहे हैं। रूस का दावा है कि इन चैनल्स के जरिए देश में साइबर फ्रॉड, तोड़फोड़ और आतंकी साजिशों को अंजाम दिया जा रहा है।

रूस में टेलीग्राम पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका

रूस की सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उन्होंने टेलीग्राम प्रशासन को बार-बार चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने आपत्तिजनक अकाउंट्स और चैनल्स को हटाने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

अब पावेल दुरोव के खिलाफ नया आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि रूस सरकार पूरे देश में टेलीग्राम एप की सेवाओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध (बैन) लगा सकती है।

पाबंदियों के बावजूद रूस में बेहद लोकप्रिय है यह एप

दिलचस्प बात यह है कि रूस में टेलीग्राम सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पहले भी इस एप पर कई तरह की सख्त पाबंदियां लगाई थीं। लेकिन इसके बावजूद रूस के आम नागरिकों से लेकर वहां के बड़े सरकारी अधिकारी और सेना (मिलिट्री) से जुड़े लोग भी आपस में बातचीत और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए टेलीग्राम का ही सहारा लेते हैं।

भारत में भी विवादों से रहा है पुराना नाता

केवल रूस ही नहीं, बल्कि भारत में भी टेलीग्राम एप को लेकर कई बार विवाद खड़े हो चुके हैं। भारत में भी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने, पाइरेटेड फिल्में बांटने और आर्थिक ठगी (साइबर क्राइम) के लिए टेलीग्राम के गलत इस्तेमाल की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिस पर सरकार और जांच एजेंसियां लगातार सख्त नजर बनाए हुए हैं।

क्या आप भी मैसेजिंग के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल करते हैं? इस पूरे विवाद पर अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें!

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)