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बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा साक्षात्कार: महिला पहलवानों के आरोपों को बताया साजिश, संसद में वापसी का किया दावा


उत्तर प्रदेश की राजनीति और खेल जगत में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के दौरान उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के गंभीर आरोपों, उसके पीछे की राजनीतिक उठापटक और अपने भविष्य के राजनीतिक सफर पर खुलकर चर्चा की है।

इस साक्षात्कार और उनके बयानों से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

1. प्रियंका गांधी पर बड़ा बयान: "उन्हें मामले में पूरी तरह बरगलाया गया था"

महिला पहलवानों के धरने और विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा के समर्थन में उतरने पर बृजभूषण सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

  • गुमराह करने का आरोप: उनका दावा है कि उस दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री प्रियंका गांधी को इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई थी, बल्कि उन्हें गलत तरीके से बातें समझाकर बरगलाया गया था।

  • राजनीतिक हित साधना: पूर्व सांसद का कहना है कि खेल के अखाड़े से शुरू हुए इस विवाद के पीछे राजनीतिक रोटियां सेकने और उनके राजनीतिक वजूद को कमजोर करने की एक गहरी साजिश रची गई थी।

2. आरोपों पर सफाई: "पूरा मामला सिर्फ गलतफहमी और गुड-बैड टच का था"

अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के तमाम गंभीर और संवेदनशील आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने इस विवाद को एक अलग ही दृष्टिकोण से परिभाषित किया है।

  • प्रशिक्षण के दौरान की बातें: उनका कहना है कि कुश्ती के खेल, अखाड़े और ट्रेनिंग सत्र के दौरान होने वाली सामान्य प्रक्रियाओं या नियमों को जानबूझकर गलत रंग दिया गया। उनके अनुसार यह मामला किसी बड़े उत्पीड़न का नहीं था, बल्कि इसे केवल 'गुड टच और बैड टच' के दायरे से जोड़कर बेवफा तूल दिया गया।

  • षड्यंत्र का हिस्सा: उन्होंने दोहराया कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार थे और उनके विरोधियों द्वारा गढ़ी गई एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थे।

3. भविष्य की सियासत और संसद में वापसी का संकल्प

कानूनी लड़ाइयों और तमाम राजनीतिक विरोधों के बीच बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूरी तरह दृढ़ता दिखाई है।

  • संसद में लौटने का दावा: अपने समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राजनीतिक जीवन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि वे आने वाले समय में एक बार फिर से संसद भवन के भीतर जरूर लौटेंगे।

  • जनता का समर्थन: उनका कहना है कि उनके क्षेत्र के लोग और शुभचिंतक सच्चाई से वाकिफ हैं और आज भी उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

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