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इंग्लिश टीम में ड्रिंकिंग कल्चर नहीं: बेन स्टोक्स बोले- क्रिकेट और शराब का नाता पुराना; बिग बैश लीग के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बनने की दौड़ में शामिल


इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने राष्ट्रीय टीम में ड्रिंकिंग कल्चर की सभी धारणाओं और मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंग्लिश टीम में शराब की कोई समस्या नहीं है और इस तरह के दावे पूरी तरह गलत हैं।

35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने स्टुअर्ट ब्रॉड और जोस बटलर के प्रसिद्ध पॉडकास्ट 'फॉर द लव ऑफ क्रिकेट' में हिस्सा लेते हुए इस विषय पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि सीनियर टीम के भीतर शराब पीने का कोई गलत माहौल या कल्चर मौजूद नहीं है, हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि यूनाइटेड किंगडम (UK) में पारंपरिक रूप से क्रिकेट और शराब का नाता काफी पुराना और गहरा रहा है।

उल्लेखनीय है कि स्टोक्स ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट मैच के मध्य में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का अचानक ऐलान कर दिया था।

एशेज सीरीज के दौरान चर्चा में आया था शराब का विवाद

इंग्लिश क्रिकेट सर्कल में खिलाड़ियों के शराब पीने का मुद्दा एशेज सीरीज के दौरान काफी सुर्खियों में आया था। उस समय टीम के कई खिलाड़ियों के सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने की खबरें मीडिया में सामने आई थीं। यह विवाद तब और ज्यादा बढ़ गया जब टीम के सलामी बल्लेबाज बेन डकेट मिड-सीरीज ब्रेक के दौरान नूसा में शराब के नशे की हालत में देखे गए थे।

इसके अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच में जीत हासिल करने के बाद बेन स्टोक्स खुद तेज गेंदबाज गस एटकिंसन के साथ जश्न मनाने के लिए बाहर गए थे। वहां एक नाइटक्लब के बाहर एक रग्बी खिलाड़ी के साथ घटना हो गई थी, जिसके कारण विवाद बढ़ा और स्टोक्स को अगले टेस्ट मैच से बाहर बैठना पड़ा था।

भविष्य में इंग्लैंड टीम का मुख्य कोच बनना चाहते हैं बेन स्टोक्स

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद स्टोक्स ने अपने भावी करियर को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान समय में लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन का कोर्स पूरा कर रहे हैं।

उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि जब वह पूरी तरह से क्रिकेट खेलना छोड़ देंगे, तो उनकी कोचिंग की सभी तैयारियां और प्रमाणपत्र पूरे होने चाहिए। स्टोक्स ने कहा कि वह किसी भी हाल में क्रिकेट खेल से दूर नहीं होना चाहते हैं और कोचिंग के माध्यम से खेल से लगातार जुड़े रहना चाहते हैं।

बेन स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड की टीम ने आक्रामक और मनोरंजक 'बैजबॉल' शैली का क्रिकेट खेलकर विश्व भर में तहलका मचाया था।

नए कप्तान जो रूट और हैरी ब्रूक के चयन को लेकर जताई चिंता

संन्यास के बाद बेन स्टोक्स ने टीम के नए टेस्ट कप्तान बनाए गए जो रूट की कप्तानी शैली और मानसिकता को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जो रूट की सबसे बड़ी आदत यह है कि वह हमेशा पूरी टीम और खिलाड़ियों के हितों को खुद से आगे रखते हैं, और यही बात उन्हें परेशान करती है।

स्टोक्स ने बताया कि उन्होंने जो रूट से व्यक्तिगत रूप से कहा था कि कप्तानी के दौरान उनकी एकमात्र चिंता खुद जो रूट हैं। जब रूट पिछली बार कप्तान थे, तब उन्होंने देखा था कि वह अपने प्रदर्शन और टीम के नतीजों का कितना भारी दबाव खुद पर ले लेते थे। स्टोक्स नहीं चाहते कि रूट दोबारा उसी मानसिक तनाव और दबाव वाले दौर से गुजरें।

इसके साथ ही पूर्व कप्तान स्टोक्स ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि उनके संन्यास के बाद प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैरी ब्रूक को टेस्ट टीम की कमान क्यों नहीं सौंपी गई। हैरी ब्रूक टीम के उप-कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, ऐसे में चयनकर्ताओं द्वारा उन्हें कप्तान न बनाने के फैसले ने स्टोक्स को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि अगर बोर्ड को लगता है कि किसी युवा खिलाड़ी में नेतृत्व करने की क्षमता है तो उसे मौका मिलना चाहिए था।

2027 एशेज सीरीज का आकलन करके लिया संन्यास का फैसला

बेन स्टोक्स ने अपनी सेवानिवृत्ति के फैसले पर बात करते हुए बताया कि यह निर्णय उन्होंने काफी लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया था। वह लगातार खुद का और अपनी फिटनेस का आकलन कर रहे थे कि क्या वह 2027 में होने वाली एशेज सीरीज तक अपना शत-प्रतिशत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने में सक्षम होंगे।

जब उन्हें लगा कि ऐसा संभव नहीं हो पाएगा, तो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का सही समय माना। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह अपने इस फैसले को बदलने वाले नहीं हैं और अपने निर्णय पर पूरी तरह कायम हैं।

बिग बैश लीग के इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन सकते हैं स्टोक्स

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद बेन स्टोक्स दुनिया भर की विभिन्न टी-20 और फ्रेंचाइजी लीगों में खेलते हुए नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध बिग बैश लीग (BBL) की कई प्रमुख फ्रेंचाइजी उन्हें अपनी टीम में शामिल करने की होड़ में लगी हुई हैं। इनमें सिडनी सिक्सर्स की टीम उन्हें अनुबंधित करने की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही है।

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की खबरों के मुताबिक, स्टोक्स को बिग बैश लीग में खेलने के लिए लगभग 6 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 3.4 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है। अगर यह सौदा पक्का हो जाता है, तो बेन स्टोक्स बिग बैश लीग के इतिहास में सबसे महंगे बिकने वाले विदेशी खिलाड़ी बन जाएंगे।

इस लीग में स्टोक्स की जोड़ी एक बार फिर पूर्व कोच मैथ्यू मॉट के साथ बन सकती है। सिडनी सिक्सर्स के मुख्य कोच इंग्लैंड के पूर्व व्हाइट-बॉल कोच मैथ्यू मॉट हैं। मॉट और स्टोक्स की जोड़ी ने ही साल 2022 के टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड की टीम को विश्व विजेता बनाया था।

बेन स्टोक्स का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर और आंकड़े

डरहम का प्रतिनिधित्व करने वाले दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में वनडे मैच से की थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2013-14 की एशेज सीरीज के दौरान अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अप्रैल 2022 में उन्हें आधिकारिक रूप से इंग्लैंड की टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था।

  • टेस्ट क्रिकेट करियर: स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए कुल 122 टेस्ट मैच खेले, जिनमें से 44 मैचों में उन्होंने टीम की कप्तानी की। अपने टेस्ट करियर में उन्होंने 14 शतक और 37 अर्धशतकों की मदद से 7,000 से अधिक रन बनाए। इसके अलावा अपनी तेज गेंदबाजी से उन्होंने 252 महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए।

  • वनडे क्रिकेट करियर: उन्होंने 114 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में 5 शतक और 24 अर्धशतक जड़ते हुए 3,463 रन बनाए और गेंदबाजी में 74 सफलताएं हासिल कीं।

  • टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर: स्टोक्स 43 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा रहे, जिसमें उन्होंने 585 रन बनाने के साथ-साथ 26 विकेट भी हासिल किए।

विश्व कप 2019 का वो ऐतिहासिक फाइनल और स्टोक्स की यादगार पारी

बेन स्टोक्स के करियर की सबसे ऐतिहासिक और यादगार पारी 14 जुलाई 2019 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर देखने को मिली थी। वनडे विश्व कप 2019 के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को जीत के लिए 242 रनों का लक्ष्य दिया था।

लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम संकट में थी और उसने 49 ओवरों में केवल 227 रनों पर अपने 8 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। अंतिम ओवर में इंग्लैंड को जीत दर्ज करने के लिए 15 रनों की सख्त जरूरत थी और क्रीज पर बेन स्टोक्स 70 रन बनाकर डटे हुए थे।

अंतिम ओवर में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट की तीसरी और चौथी गेंद पर स्टोक्स ने शानदार छक्के जड़ दिए। इसके बाद आखिरी दो गेंदों पर रोमांचक रनआउट के चलते मैच टाई हो गया और सुपर ओवर में पहुंच गया। अद्भुत रूप से सुपर ओवर में भी दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के बाउंड्री काउंट नियम के आधार पर इंग्लैंड को पहली बार वनडे विश्व कप का चैंपियन घोषित किया गया। स्टोक्स की इस नाबाद 84 रनों की साहसिक पारी को क्रिकेट इतिहास की सबसे महान पारियों में गिना जाता है।

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