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सरकार 35 रुपए किलो में बेचेगी प्याज, दिल्ली में आज पहुंचेगी 800 टन की पहली खेप



नई दिल्ली। देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बाजार में अपना सुरक्षित भंडार उतारना शुरू कर दिया है। दिल्ली में उपभोक्ताओं को 35 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल राजधानी में प्याज का खुदरा भाव करीब 55 रुपए प्रति किलो है।

सरकार की ओर से बुधवार को 800 टन प्याज की पहली खेप दिल्ली पहुंचाई जाएगी। इसके लिए विशेष रेल सेवा का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली में यह प्याज नैफेड, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ और केंद्रीय भंडार की दुकानों के माध्यम से बेची जाएगी।

दिल्ली के अलावा चार शहरों में भी भेजी जा रही प्याज

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार, दिल्ली के साथ चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी में भी रेल के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज भेजी जा रही है।

इन शहरों के लिए प्याज महाराष्ट्र के नासिक में रखे सरकारी सुरक्षित भंडार से निकाली गई है। सरकार का उद्देश्य प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों में बढ़ती कीमतों को जल्द नियंत्रित करना और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना है।

एक महीने में प्याज 28 प्रतिशत से ज्यादा महंगी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत पिछले एक महीने में 28 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है।

25 जुलाई को प्याज का औसत भाव 34.80 रुपए प्रति किलो था, जो 25 अगस्त को बढ़कर 44.72 रुपए प्रति किलो हो गया। वहीं, पिछले साल 25 अगस्त को इसका औसत भाव 28.67 रुपए प्रति किलो था। इस तुलना में सालाना आधार पर कीमत करीब 56 प्रतिशत बढ़ी है।

थोक मंडियों में भी तेजी

प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी का असर थोक बाजारों में भी देखने को मिला है। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त को प्याज का औसत थोक भाव 36.73 रुपए प्रति किलो रहा।

एक साल पहले इसी दिन थोक भाव 22.54 रुपए प्रति किलो था। इस तरह सालाना आधार पर थोक कीमत में करीब 63 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले एक महीने में थोक भाव करीब 33.5 प्रतिशत बढ़ा है।

16 शहरों तक पहुंचाई जा रही सरकारी प्याज

देश के अलग-अलग हिस्सों में प्याज की ढुलाई को तेज करने के लिए सरकार ने विशेष रेल सेवा शुरू की है। वर्ष 2024-25 में 14 रेलवे रैक के जरिए पांच शहरों में करीब 12 हजार टन प्याज भेजी गई थी।

वर्ष 2025-26 में इस व्यवस्था का विस्तार किया गया है। अब तक 86 रेलवे रैक के माध्यम से 16 प्रमुख शहरों में लगभग 88 हजार टन प्याज पहुंचाई जा चुकी है।

सरकार के पास 1.21 लाख टन का सुरक्षित भंडार

प्याज के दाम बढ़ने के बावजूद सरकार का कहना है कि देश में इसकी उपलब्धता पर्याप्त है। कीमतों को स्थिर रखने के लिए अलग-अलग उत्पादक राज्यों में सुरक्षित भंडार रखा जाता है।

वर्ष 2026 के लिए सरकार के पास करीब 1.21 लाख टन प्याज का सुरक्षित भंडार मौजूद है। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में देश में कुल प्याज उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष उत्पादन 307.67 लाख टन रहा था।

सरकार के अनुसार, आने वाले महीनों में घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त प्याज उपलब्ध है।

अगस्त और सितंबर में क्यों बढ़ते हैं दाम

विशेषज्ञों और सरकारी आकलन के अनुसार, अगस्त और सितंबर के दौरान प्याज की कीमतों में अक्सर मौसमी तेजी देखने को मिलती है।

त्योहारी सीजन में मांग बढ़ना, बारिश के कारण परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होना तथा मंडियों में पुराने भंडार की गुणवत्ता कम होना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।

इसी संभावित तेजी को देखते हुए सरकार ने पहले से सुरक्षित भंडार बाजार में उतारना शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों पर दबाव कम करना और उपभोक्ताओं को राहत देना है।


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