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टीसीएस खरीदेगी पोर्श की आईटी कंपनी एमएचपी, 3573 करोड़ रुपए में होगा अधिग्रहण

नई दिल्ली। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता पोर्श की प्रबंधन और आईटी परामर्श कंपनी एमएचपी को खरीदने का समझौता किया है। यह सौदा करीब 320 मिलियन यूरो यानी 3573 करोड़ रुपए के उद्यम मूल्य पर हुआ है। अधिग्रहण के तहत टीसीएस एमएचपी की पूरी हिस्सेदारी अपने पास लेगी।

यह सौदा ऐसे समय हुआ है जब वाहन उद्योग तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सॉफ्टवेयर और डिजिटल तकनीक की ओर बढ़ रहा है। एमएचपी के अधिग्रहण से टीसीएस को वाहन उद्योग से जुड़ी तकनीकी विशेषज्ञता और यूरोपीय बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पोर्श के साथ 5 साल की बड़ी साझेदारी

एमएचपी को खरीदने के साथ टीसीएस ने पोर्श और एमएचपी के साथ पांच वर्ष की रणनीतिक साझेदारी भी की है। इस साझेदारी का मूल्य करीब 1.25 अरब यूरो यानी लगभग 14 हजार करोड़ रुपए बताया गया है।

इस साझेदारी के तहत टीसीएस पोर्श के इंजीनियरिंग, विनिर्माण, संचालन और ग्राहक अनुभव से जुड़े क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को बढ़ाने में सहयोग करेगी।

पोर्श के लिए तैयार होंगे एआई आधारित समाधान

टीसीएस पोर्श के लिए एक विशेष एआई मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य वाहन उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को बड़े स्तर पर लागू करना और नई तकनीकी सेवाएं विकसित करना होगा।

इस केंद्र के जरिए विनिर्माण प्रक्रिया, वाहन इंजीनियरिंग, संचालन और ग्राहकों से जुड़ी सेवाओं में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा सॉफ्टवेयर आधारित वाहन तकनीक और डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

एमएचपी में 4500 से ज्यादा कर्मचारी

एमएचपी जर्मनी की प्रमुख प्रबंधन और आईटी परामर्श कंपनियों में शामिल है। कंपनी का मुख्यालय लुडविग्सबर्ग में है और इसमें दुनिया भर में 4500 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

कंपनी वाहन और विनिर्माण क्षेत्र के अलावा एयरोस्पेस, रक्षा, ऊर्जा और सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े संगठनों को भी तकनीकी एवं परामर्श सेवाएं देती है। वर्ष 2025 में एमएचपी का कारोबार करीब 742 मिलियन यूरो रहा था।

एमएचपी का नाम और कामकाज जारी रहेगा

अधिग्रहण के बाद एमएचपी टीसीएस का हिस्सा बन जाएगी, लेकिन कंपनी अपने मौजूदा नाम और पहचान के साथ स्वतंत्र परामर्श कंपनी के रूप में काम जारी रखेगी। पोर्श के साथ उसका पुराना कारोबारी संबंध भी बना रहेगा।

पोर्श के अनुसार, एमएचपी को टीसीएस के साथ जोड़ने से कंपनी को तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अधिक संसाधन और अवसर मिलेंगे।

सौदा पूरा होने में लगेंगे कुछ महीने

एमएचपी के अधिग्रहण के लिए संबंधित नियामकीय और प्रतिस्पर्धा संबंधी मंजूरियां जरूरी हैं। टीसीएस के अनुसार, सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सौदा अगले तीन से चार महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।

वाहन उद्योग में टीसीएस की स्थिति होगी मजबूत

इस अधिग्रहण से टीसीएस को वाहन उद्योग के लिए परामर्श, सॉफ्टवेयर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल परिवर्तन से जुड़ी अपनी क्षमताओं को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

वहीं पोर्श के लिए टीसीएस के साथ साझेदारी का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सॉफ्टवेयर आधारित तकनीकों को अपनी कारोबारी गतिविधियों में तेजी से शामिल करना है। दोनों कंपनियों की साझेदारी से भविष्य में अधिक बुद्धिमान और सॉफ्टवेयर आधारित वाहन तकनीकों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

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