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टाटा संस की एजीएम पहली बार टली, कोरम पूरा नहीं होने से बैठक स्थगित; 3 अहम फैसलों पर लगा ब्रेक


मुंबई। टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की 18 अगस्त को प्रस्तावित वार्षिक आम बैठक पहली बार निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सकी। जरूरी कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी। चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन समेत कुछ निदेशक बैठक में मौजूद थे, लेकिन आवश्यक शेयरधारक प्रतिनिधित्व पूरा नहीं हो पाया।

सवाल 1: बैठक क्यों टली?

टाटा संस के नियमों के अनुसार एजीएम के लिए न्यूनतम सदस्यों की मौजूदगी जरूरी है। इस बार सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से प्रतिनिधि नामित नहीं हो सका। यही वजह रही कि बैठक के लिए आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो पाया।

इसके पीछे सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़ी नियामकीय पाबंदियां अहम कारण मानी जा रही हैं। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की ओर से ट्रस्ट पर कुछ प्रतिबंध लागू हैं, जिसके चलते वह प्रतिनिधि नामित करने की स्थिति में नहीं था।

सवाल 2: बैठक में कौन से अहम मुद्दे आने थे?

एजीएम में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी जानी थी। इसके साथ ही सामान्य शेयरों पर लाभांश घोषित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में था।

एन. चंद्रशेखरन के भविष्य को लेकर भी यह बैठक महत्वपूर्ण थी। उन्होंने पहले ही फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए नाम आगे नहीं बढ़ाने का फैसला बताया है। ऐसे में उनके निदेशक पद और आगे की नेतृत्व प्रक्रिया पर भी चर्चा की उम्मीद थी।

सवाल 3: क्या टाटा समूह के कामकाज पर असर पड़ेगा?

एजीएम स्थगित होने से तत्काल तौर पर समूह के रोजमर्रा के कारोबार पर असर पड़ने की बात सामने नहीं आई है, लेकिन कुछ कॉरपोरेट फैसलों की औपचारिक प्रक्रिया आगे खिसक सकती है।

सबसे बड़ा मुद्दा नेतृत्व परिवर्तन का है। टाटा ट्रस्ट्स ने नए चेयरमैन की तलाश के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी है और उसे बोर्ड के एक-तिहाई निदेशकों को नामित करने का अधिकार है। इसलिए नए चेयरमैन के चयन में ट्रस्ट्स की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

पहली बार सामने आया ऐसा मामला

टाटा संस के इतिहास में एजीएम का कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित होना अभूतपूर्व घटना मानी जा रही है। कंपनी की स्थापना के बाद से नियमित रूप से होने वाली शेयरधारक बैठकों में ऐसी स्थिति पहले सामने नहीं आई थी।

अब अगली एजीएम की तारीख तय करने के लिए बोर्ड स्तर पर विचार किया जाना है। तब तक कंपनी से जुड़े लंबित प्रस्तावों और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी की नजर बनी रहेगी।





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