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चीनी आयात के नियमों में बदलाव, अब एंट्री के दो महीने के भीतर रिफाइंड चीनी बेचनी होगी


नई दिल्ली। देश में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने विदेशों से आने वाली कच्ची चीनी को रिफाइन कर घरेलू बाजार में बेचने की समयसीमा में बदलाव किया है।

नए प्रावधान के तहत आयातित कच्ची चीनी को देश में प्रवेश करने की तारीख से दो महीने के भीतर प्रोसेस कर रिफाइंड चीनी के रूप में घरेलू बाजार में उतारना होगा। इसके साथ ही पहले तय की गई 31 अक्टूबर की अंतिम समयसीमा को हटा दिया गया है।

31 अक्टूबर की डेडलाइन समाप्त

सरकार की ओर से पहले आयातित कच्ची चीनी को निर्धारित अवधि के भीतर रिफाइन कर बाजार में बेचने की समयसीमा 31 अक्टूबर तक तय की गई थी। अब इस निश्चित तारीख को समाप्त कर दिया गया है।

नई व्यवस्था में किसी खेप के भारत में पहुंचने की तारीख से दो महीने की अवधि गिनी जाएगी। इस दौरान संबंधित आयातक को कच्ची चीनी का प्रसंस्करण कर तैयार उत्पाद घरेलू बाजार में बेचना होगा।

कीमतों पर नियंत्रण रखने की कोशिश

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी को रोकना है। आयातित कच्ची चीनी को जल्द प्रोसेस कर बाजार में उपलब्ध कराने से आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

इससे चीनी की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

आयातकों के लिए समयसीमा अब खेप के आधार पर

नई व्यवस्था में सभी आयातकों के लिए एक समान अंतिम तारीख लागू नहीं होगी। प्रत्येक आयातित खेप के देश में प्रवेश करने के बाद दो महीने की अवधि निर्धारित होगी।

इस बदलाव से आयातकों को पहले वाली निश्चित समयसीमा की तुलना में अधिक व्यावहारिक व्यवस्था मिलेगी, साथ ही सरकार घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता पर नजर रख सकेगी।

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