21 अगस्त को सोने और चांदी के दामों में तेज उछाल देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार एक किलोग्राम चांदी की कीमत 6,623 रुपए बढ़कर 2.44 लाख रुपए हो गई। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 2,419 रुपए की बढ़त के साथ करीब 1.60 लाख रुपए पर पहुंच गया।
अगस्त में अब तक 21 दिनों के दौरान सोने की कीमत में 16,639 रुपए और चांदी के भाव में 26,094 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल के अंत तक सोने का भाव 1.70 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
इस साल सोने और चांदी में लगातार उतार-चढ़ाव
2026 में सोने-चांदी के बाजार में लगातार बदलाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.60 लाख रुपए हो गई है।
इसी तरह 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। अब इसकी कीमत बढ़कर 2.44 लाख रुपए प्रति किलो हो गई है।
इस साल 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर दर्ज किया था।
साल के अंत तक सोना 1.70 लाख और चांदी 3 लाख तक जाने का अनुमान
कोटक सिक्युरिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के अनुसार सोने को आम निवेशकों के साथ-साथ दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों से भी समर्थन मिल रहा है। केंद्रीय बैंक लगातार अपने भंडार में सोना बढ़ा रहे हैं।
उनका कहना है कि वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहने पर सोने में तेजी आगे भी बनी रह सकती है। परिस्थितियों में सुधार होने पर चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए दिसंबर तक सोने का भाव 1.70 लाख रुपए और चांदी का भाव 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
1. हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना खरीदें
सोना खरीदते समय ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड का हॉलमार्क जरूर देखें। प्रमाणित सोने पर हॉलमार्क मौजूद होता है, जिससे उसकी शुद्धता की जानकारी मिलती है। हॉलमार्क का नंबर अल्फान्यूमेरिक रूप में हो सकता है।
2. बाजार भाव की पुष्टि करें
खरीदारी से पहले सोने का वजन और उस दिन का बाजार भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जांच लेना चाहिए। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग होते हैं, इसलिए कैरेट के अनुसार कीमत की पुष्टि करें।
3. मेकिंग चार्ज की जानकारी लें
आभूषण बनवाते समय ज्वेलर्स की ओर से मेकिंग चार्ज लिया जाता है। यह शुल्क तय नहीं होता और इसमें बातचीत की गुंजाइश रहती है।
बड़ी खरीदारी के दौरान मेकिंग चार्ज कम कराने के लिए ज्वेलर से बात की जा सकती है। साथ ही लेबर कॉस्ट और अन्य शुल्क का अलग-अलग विवरण मांगना बेहतर रहता है, ताकि कुल कीमत स्पष्ट रहे।

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