नई दिल्ली। गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। 21 अगस्त को आवेदन प्रक्रिया के तीसरे दिन सुबह 10:03 बजे तक इश्यू कुल 3.85 गुना भर चुका था। कंपनी का आईपीओ 19 अगस्त को खुला था और इसमें बोली लगाने की अंतिम तारीख 21 अगस्त है।
कंपनी ने शेयर का मूल्य दायरा 152 से 160 रुपए तय किया है। ग्रे मार्केट में शुक्रवार को इसके शेयर पर करीब 18.50 रुपए का प्रीमियम चल रहा था। अगर ऊपरी मूल्य 160 रुपए और मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम को आधार माना जाए, तो संभावित लिस्टिंग कीमत 178.50 रुपए हो सकती है। यह इश्यू प्राइस से करीब 11.56 प्रतिशत अधिक है।
6.39 करोड़ शेयरों के लिए मिली बोलियां
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 10:03 बजे तक कंपनी को 6.39 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिल चुके थे। आईपीओ में कुल 2.53 करोड़ शेयर पेश किए गए हैं। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए कुल 550 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य लेकर बाजार में उतरी है।
रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 4.41 गुना भरी
खुदरा निवेशकों की श्रेणी में तीसरे दिन तक 4.41 गुना आवेदन प्राप्त हुए। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 7.56 गुना भर चुकी थी, जबकि योग्य संस्थागत खरीदारों की तरफ से करीब 10 प्रतिशत आवेदन मिले थे।
आईपीओ में एक लॉट में 93 शेयर रखे गए हैं। निवेशक 93 शेयरों के गुणक में आवेदन कर सकते हैं।
सार्वजनिक निर्गम में अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए निर्धारित है। गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए कम से कम 15 प्रतिशत और खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है।
24 अगस्त को शेयर आवंटन की संभावना
कंपनी के शेयरों का आवंटन 24 अगस्त को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके पैसे लौटाने की प्रक्रिया 25 अगस्त से शुरू हो सकती है।
जिन निवेशकों को शेयर आवंटित होंगे, उनके डीमैट खाते में शेयर 25 अगस्त को जमा किए जाने की संभावना है। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर 26 अगस्त को सूचीबद्ध हो सकते हैं।
ग्रे मार्केट में लगातार बना रहा प्रीमियम
पिछले नौ कारोबारी सत्रों के दौरान गाजा कैपिटल के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान प्रीमियम शून्य से 30 रुपए के बीच रहा। शुक्रवार को यह बढ़कर करीब 18.50 रुपए पर पहुंच गया।
ग्रे मार्केट का प्रीमियम केवल बाजार का अनौपचारिक संकेतक होता है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है।
450 करोड़ रुपए का नया इश्यू, 100 करोड़ तक OFS
गाजा कैपिटल के आईपीओ में 450 करोड़ रुपए का नया शेयर निर्गम शामिल है। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर 100 करोड़ रुपए तक के शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचेंगे।
कंपनी ने अपने आईपीओ का आकार पहले के मुकाबले कम किया है। पहले नए शेयरों के जरिए करीब 549.20 करोड़ रुपए जुटाने और ओएफएस के तहत 107 करोड़ रुपए तक के शेयर पेश करने की योजना थी।
दिसंबर 2025 में जमा किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में आईपीओ का कुल आकार 656.20 करोड़ रुपए बताया गया था। 160 रुपए के ऊपरी मूल्य स्तर पर कंपनी का अनुमानित पोस्ट-लिस्टिंग बाजार मूल्य करीब 2,256.16 करोड़ रुपए रह सकता है।
जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कैसे होगा
कंपनी नए शेयरों से प्राप्त राशि में से करीब 372 करोड़ रुपए का इस्तेमाल मौजूदा और नए फंड के लिए स्पॉन्सर कमिटमेंट तथा ब्रिज लोन की अदायगी में करेगी।
बाकी धनराशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। आईपीओ की प्रक्रिया के लिए जेएम फाइनेंशियल और आईआईएफएल फाइनेंशियल सर्विसेज को मर्चेंट बैंकर बनाया गया है।
1999 में हुई थी कंपनी की शुरुआत
गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट की शुरुआत 1999 में व्यू एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हुई थी। बाद में कंपनी ने खुद को गाजा कैपिटल के रूप में स्थापित किया।
यह भारत केंद्रित अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स के लिए निवेश प्रबंधक के तौर पर काम करती है। कंपनी के मुताबिक इसे किसी वित्तीय संस्थान, कॉरपोरेट समूह या वैश्विक कंपनी ने प्रमोट नहीं किया है। इसका स्वामित्व इसकी नेतृत्व टीम के पास है।
कंपनी सात सहायक संस्थाओं के माध्यम से कारोबार करती है और चार अलग-अलग विंटेज में निवेश गतिविधियां संचालित करती है। इसकी सेवाओं में निवेश रणनीति तैयार करना, फंड प्रबंधन, निवेश सौदों की तलाश और क्रियान्वयन तथा पोर्टफोलियो प्रबंधन शामिल हैं।
वित्तीय प्रदर्शन में भी हुई बढ़ोतरी
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार 2023-24 की तुलना में 2024-25 में राजस्व में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बाद 2025-26 में भी राजस्व सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़ा।
2023-24 में मैनेजमेंट फीस 75.85 करोड़ रुपए से घटकर 60.08 करोड़ रुपए रही। हालांकि कैरी इंटरेस्ट 18.40 करोड़ रुपए से बढ़कर 75.41 करोड़ रुपए हो गया।
कंपनी की कमाई करने वाली पूंजी पर कुल आय की दर 3.18 प्रतिशत से बढ़कर 4.99 प्रतिशत हुई। 2023-24 से 2025-26 के बीच शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 35.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी की संपत्ति बढ़ी, कर्ज में भी इजाफा
कंपनी की कुल संपत्ति 56 प्रतिशत बढ़कर 706.49 करोड़ रुपए हो गई। वहीं नेटवर्थ करीब 606.50 करोड़ रुपए बताई गई है।
दूसरी ओर कंपनी का कर्ज भी बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह करीब 4 करोड़ रुपए से बढ़कर 41.56 करोड़ रुपए हो गया। यानी कंपनी के कारोबार और संपत्ति के विस्तार के साथ उसकी उधारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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