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इंडियन ऑयल की अल्जीरिया से LPG डील, 2027 से हर महीने 55 हजार टन तक गैस मिलने की तैयारी

नई दिल्ली। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक और कदम बढ़ा रहा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने अल्जीरिया की सरकारी ऊर्जा कंपनी सोनाट्रेक के साथ 2027 से एलपीजी आयात के लिए समझौता किया है। इसके तहत हर महीने करीब 45 हजार से 55 हजार मीट्रिक टन एलपीजी भारत लाने की योजना है।

इस समझौते के तहत एक बड़ी गैस ढुलाई क्षमता वाले जहाज के जरिए हर महीने एलपीजी की खेप भारत पहुंचाई जाएगी। इसमें प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण शामिल होगा, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से घरेलू रसोई गैस के रूप में किया जाता है।

खाड़ी देशों पर निर्भरता घटाने की कोशिश

भारत की एलपीजी आपूर्ति में मध्य-पूर्वी देशों की बड़ी भूमिका रही है। हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास आपूर्ति में आई बाधाओं ने इस निर्भरता से जुड़े जोखिमों को सामने ला दिया था। इसके बाद भारत ने एलपीजी के लिए नए अंतरराष्ट्रीय स्रोत तलाशने की प्रक्रिया तेज की है।

अल्जीरिया से होने वाली नई आपूर्ति इसी रणनीति का हिस्सा है। इससे भारत को एलपीजी के लिए खाड़ी क्षेत्र के अलावा एक अतिरिक्त और महत्वपूर्ण स्रोत मिलेगा।

अल्जीरिया से पहले भी LPG खरीद चुका है भारत

इंडियन ऑयल और सोनाट्रेक के बीच पहले भी एलपीजी आपूर्ति का समझौता रहा है। बाद में इंडियन ऑयल ने मध्य-पूर्वी देशों से खरीद बढ़ा दी थी। अब बदलते वैश्विक हालात के बीच कंपनी ने फिर से अल्जीरिया से एलपीजी खरीद की दिशा में कदम बढ़ाया है। भारत ने जून 2026 में अल्जीरिया से एलपीजी आयात दोबारा शुरू किया था।

कीमत के लिहाज से भी फायदेमंद हो सकती है डील

व्यापार सूत्रों के मुताबिक अल्जीरिया की एलपीजी कीमत सऊदी अरामको के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस से कम बताई जा रही है। इससे इंडियन ऑयल के लिए यह समझौता आपूर्ति के साथ-साथ लागत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों और परिवहन लागत में बदलाव का असर अंतिम लागत पर पड़ सकता है।

अमेरिका से भी बढ़ाई जा रही खरीद

भारत एलपीजी के लिए अन्य देशों से आयात बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। अगले साल भारत अपने एलपीजी आयात का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका से लेने की योजना बना रहा है। इसके लिए इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की ओर से संयुक्त खरीद प्रक्रिया अपनाए जाने की संभावना है।

इस तरह अल्जीरिया और अमेरिका से बढ़ती आपूर्ति भारत को एलपीजी के लिए किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भर रहने से बचाने में मदद कर सकती है।

घरेलू आपूर्ति को मिलेगा सहारा

भारत में एलपीजी का इस्तेमाल बड़ी संख्या में परिवार खाना पकाने के लिए करते हैं। ऐसे में आयात के स्रोतों में विविधता आने से आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

2027 से अल्जीरिया से हर महीने 45 हजार से 55 हजार टन तक एलपीजी मिलने की योजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे वैश्विक आपूर्ति मार्गों में किसी तरह की बाधा आने पर वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध रहेंगे।

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