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हरभजन सिंह ने बताई आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने की वजह, बोले मेरी बात नहीं सुनी गई


पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के फैसले पर पहली बार विस्तार से बात की है। एक समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी में रहते हुए उनकी बात को वह महत्व नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी।

हरभजन सिंह ने बताया कि जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें आम आदमी पार्टी से जुड़ने के लिए कहा था, तब उनका उद्देश्य राज्यसभा के जरिए पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाना था। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में किसी पद या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं आए थे।

पंजाब के मुद्दे उठाने की कही बात

हरभजन सिंह के मुताबिक, राज्यसभा सांसद के तौर पर उन्होंने पंजाब से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखने की कोशिश की। उनका कहना है कि वह खेल, युवाओं और राज्य से जुड़े दूसरे विषयों पर काम करना चाहते थे।

उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि पार्टी बदलने का फैसला गलत था, तो वह उनकी पूरी राजनीतिक यात्रा और उनके काम को भी देखे। हरभजन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना फैसला सोच-समझकर लिया है।

बोले, किसी के कहने से गद्दार नहीं हो जाता

भाजपा में शामिल होने के बाद उठी आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि केवल किसी के आरोप लगाने से कोई व्यक्ति गद्दार नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि देश और पंजाब के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में अलग-अलग दलों के साथ काम करने का फैसला परिस्थितियों और विचारों के आधार पर लिया जाता है। उनके अनुसार, पार्टी बदलने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने पंजाब या अपने सिद्धांतों से दूरी बना ली है।

राजनीति से ज्यादा काम को बताया महत्वपूर्ण

हरभजन सिंह ने कहा कि उनके लिए राजनीति का उद्देश्य लोगों के लिए काम करना है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में भी पंजाब के युवाओं, खेल और राज्य से जुड़े विषयों पर काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

उनका कहना है कि वह किसी राजनीतिक बहस में उलझने के बजाय अपने काम के जरिए लोगों के बीच अपनी भूमिका साबित करना चाहते हैं।

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