राजस्थान की सीमा से सटे इलाकों में चल रहे एक बहुत बड़े काले कारोबार का बीकानेर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस की एक लंबी और गहराई से की गई जांच में पता चला है कि सीमा पार बैठे तस्कर भारत में नशीले पदार्थ और अवैध हथियार भेजने के लिए आधुनिक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे थे।
इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस गिरोह के तार सिर्फ सीमा पार से ही नहीं, बल्कि विदेशों में बैठे हवाला कारोबारियों और जेलों में बंद बड़े अपराधियों से भी जुड़े हुए मिले हैं।
50 करोड़ रुपये की हेरोइन और हथियारों की जब्ती से खुला राज
इस पूरे बड़े मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने नाकेबंदी और जांच के दौरान करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन और कई विदेशी पिस्टल ज़ब्त किए।
जब पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए लोगों से कड़ी पूछताछ की और उनके फोन कॉल्स तथा तकनीकी सबूतों की जांच की, तो एक के बाद एक चौंकाने वाली बातें सामने आने लगीं। पुलिस को शुरुआती जांच में ही ऐसे पुख्ता सबूत मिल गए कि सीमा पार बैठे आका और भारत में मौजूद उनके एजेंट लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे।
कैसे काम करता था यह पूरा तस्करी नेटवर्क
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को चलाने के लिए बहुत ही शातिराना तरीका अपनाया गया था:
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रात के अंधेरे में ड्रोन से डिलीवरी: सीमा पार के तस्कर रात में जीपीएस वाले ड्रोन उड़ाते थे। ये ड्रोन भारतीय सीमा में आकर तय लोकेशन पर हेरोइन की खेप और हथियारों के पैकेट गिराकर वापस लौट जाते थे।
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पंजाब की जेल से कंट्रोल: इस पूरे नेटवर्क को चलाने का काम पंजाब की जेल में बंद कुछ बड़े अपराधी कर रहे थे। वे जेल के अंदर से ही मोबाइल के ज़रिए बाहर मौजूद अपने गुर्गों को बताते थे कि माल कहाँ से उठाना है और कहाँ पहुँचाना है।
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दुबई से हवाला का पैसा: तस्करी के इस काले खेल में जो भी करोड़ों रुपये का लेन-देन होता था, उसे सीधे बैंक खातों में भेजने के बजाय दुबई में बैठे हवाला नेटवर्क के ज़रिए घुमाया जाता था, ताकि किसी भी बैंक या सरकारी एजेंसी को इस पर शक न हो।
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स्थानीय युवाओं का इस्तेमाल: राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले कुछ युवाओं को पैसों का लालच देकर माल उठाने और आगे सप्लाई करने के काम में लगाया गया था।
केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल
मामले का दायरा कई राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक फैला होने के कारण अब इसमें बीकानेर पुलिस के साथ-साथ पंजाब पुलिस और केंद्र की बड़ी जांच एजेंसियां भी शामिल हो गई हैं। सभी एजेंसियां मिलकर इस नेटवर्क की एक-एक परत खोलने में जुटी हुई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होना बाकी हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े और चौंकाने वाले नामों का खुलासा हो सकता है।
सुरक्षा बलों की इस बड़ी सफलता और सीमा पार से हो रही तस्करी पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में अपनी बात ज़रूर लिखें।

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