बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के खिलाफ बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार की सुबह EOU की विशेष टीमों ने एक साथ अजीत अमर के चार अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
छपरा में पोस्टिंग के दौरान हुआ था बड़ा खुलासा
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब DPO अजीत अमर की पिछली पोस्टिंग के दौरान उनके वित्तीय लेन-देन की जांच की गई:
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32 महीने की नौकरी में बड़ा ट्रांजैक्शन: शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि जब वे छपरा में तैनात थे, तो मात्र 32 महीने की छोटी अवधि की नौकरी के दौरान उनके बैंक खातों में लगभग 3 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ था।
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आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति: इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी राशि का लेन-देन और संदेहास्पद वित्तीय गतिविधियों को देखते हुए EOU ने मामले को गंभीरता से लिया और गहराई से छानबीन शुरू की, जिसके बाद यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीमों ने शुक्रवार सुबह सुनियोजित तरीके से सहरसा और अन्य संबंधित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी:
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दस्तावेजों और संपत्तियों की खंगाल: टीमों द्वारा DPO के ठिकानों पर पहुंचकर चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों के कागजात, जमीन के दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।
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अधिकारियों की पूछताछ: छापेमारी के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति के स्रोतों को लेकर अधिकारियों द्वारा पूछताछ भी की जा रही है।
जांच एजेंसी द्वारा की जा रही इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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