बिहार म्यूजियम अपने स्थापना के 11 वर्ष पूरे कर रहा है। वर्ष 2015 में इस संग्रहालय की शुरुआत हुई थी और तब से यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस अवसर पर आज विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस स्थापना दिवस समारोह को लेकर संग्रहालय परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं, जहां देश-विदेश की कलाकृतियों को देखने का अवसर मिलेगा।
अमेरिका से लौटी 101 दुर्लभ मिथिला पेंटिंग्स बनेंगी मुख्य आकर्षण
इस स्थापना दिवस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण पटना म्यूजियम में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी है:
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द टाइमलेस आर्ट ऑफ मिथिला: पटना म्यूजियम में अमेरिका से वापस लाई गई मिथिला पेंटिंग के 101 दुर्लभ चित्रों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जा रही है।
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इतिहास: संग्रहालय प्रशासन के अनुसार, 1970 के दशक में ये 100 से अधिक कलाकृतियां अमेरिका चली गई थीं, जिन्हें अब वापस बिहार लाया गया है। आम लोग 7 अगस्त से 20 सितंबर तक इन दुर्लभ चित्रों का अवलोकन कर सकेंगे।
'कागज की कश्ती' और अन्य कला प्रदर्शनियां
बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने जानकारी दी है कि इस मौके पर देश के नामचीन कलाकारों की चुनिंदा कृतियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा:
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कागज की कश्ती: कलाकार राजेश राम की विशेष कला प्रदर्शनी 'कागज की कश्ती: रीट्रेसिंग मेमोरीज ऑफ बॉयहुड' यहां प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें उनकी चुनिंदा मूर्तियां और कलाकृतियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान कलाकार खुद भी मौजूद रहेंगे और आगंतुकों को अपनी कला की बारीकियों से अवगत कराएंगे।
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तारीखें: बिहार म्यूजियम में 7 अगस्त से 6 अक्टूबर तक देश के प्रमुख कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित रहेंगी।
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों और युवाओं को भारतीय कला, संस्कृति और अपनी समृद्ध विरासत से गहराई से जोड़ना है।
बिहार म्यूजियम अपने स्थापना के 11 वर्ष पूरे कर रहा है। वर्ष 2015 में इस संग्रहालय की शुरुआत हुई थी और तब से यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस अवसर पर आज विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस स्थापना दिवस समारोह को लेकर संग्रहालय परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं, जहां देश-विदेश की कलाकृतियों को देखने का अवसर मिलेगा।
अमेरिका से लौटी 101 दुर्लभ मिथिला पेंटिंग्स बनेंगी मुख्य आकर्षण
इस स्थापना दिवस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण पटना म्यूजियम में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी है:
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द टाइमलेस आर्ट ऑफ मिथिला: पटना म्यूजियम में अमेरिका से वापस लाई गई मिथिला पेंटिंग के 101 दुर्लभ चित्रों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जा रही है।
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इतिहास: संग्रहालय प्रशासन के अनुसार, 1970 के दशक में ये 100 से अधिक कलाकृतियां अमेरिका चली गई थीं, जिन्हें अब वापस बिहार लाया गया है। आम लोग 7 अगस्त से 20 सितंबर तक इन दुर्लभ चित्रों का अवलोकन कर सकेंगे।
'कागज की कश्ती' और अन्य कला प्रदर्शनियां
बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने जानकारी दी है कि इस मौके पर देश के नामचीन कलाकारों की चुनिंदा कृतियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा:
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कागज की कश्ती: कलाकार राजेश राम की विशेष कला प्रदर्शनी 'कागज की कश्ती: रीट्रेसिंग मेमोरीज ऑफ बॉयहुड' यहां प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें उनकी चुनिंदा मूर्तियां और कलाकृतियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान कलाकार खुद भी मौजूद रहेंगे और आगंतुकों को अपनी कला की बारीकियों से अवगत कराएंगे।
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तारीखें: बिहार म्यूजियम में 7 अगस्त से 6 अक्टूबर तक देश के प्रमुख कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित रहेंगी।
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों और युवाओं को भारतीय कला, संस्कृति और अपनी समृद्ध विरासत से गहराई से जोड़ना है।

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