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बिहार के सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर और नई व्यवस्थाओं का दौर: 73 हजार से अधिक शिक्षकों ने किया आवेदन, सरकार ने बदले कई बड़े नियम


बिहार में शिक्षकों के तबादले और प्रशासनिक नीतियों को लेकर लगातार नए अपडेट सामने आ रहे हैं। राज्य में अब तक कुल 73,151 शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए अपनी अर्जी लगाई है। इस बीच, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि आगामी 31 अक्टूबर 2026 तक शिक्षकों से जुड़ी सभी मांगों और शिकायतों का पूरी तरह से समाधान कर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा है, और इसके बाद शिक्षकों से भी यह उम्मीद की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें।

ट्रांसफर नीति और सरकार के बड़े बदलाव

शिक्षक संगठनों के कड़े विरोध, लगातार उठ रहे सवालों और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए सरकार को अपनी शुरुआती नीतियों में बड़े बदलाव करने पड़े हैं। स्थिति यह है कि सरकार को एक-दो नहीं बल्कि चार प्रमुख फैसलों में संशोधन करना पड़ा है, जिसके तहत अब बिना शिक्षकों की मर्जी के उनका तबादला नहीं किया जाएगा और कई पुरानी शर्तों में ढील दी गई है।

वे चार बड़े फैसले जिनमें सरकार को अपनी नीति बदलनी पड़ी, इस प्रकार हैं:

  1. शनिवार के दिन स्कूलों में फिर से हाफ-डे (अधिविराम) लागू करना।

  2. सरप्लस शिक्षकों के अनिवार्य समायोजन को पूरी तरह से ऐच्छिक (वैकल्पिक) बनाना।

  3. प्रोबेशन (परिवीक्षा) अवधि की शर्त में ढील देना।

  4. नौकरी में पांच साल की अनिवार्य सेवा की बाध्यता को समाप्त करना।

पहला बड़ा बदलाव: शनिवार को फिर से हाफ-डे, बदली गई पुरानी व्यवस्था

सरकार की समय-सारिणी और कार्यप्रणाली से जुड़ा पहला और बड़ा संशोधन स्कूलों के समय को लेकर आया:

  • पिछली व्यवस्था: पूर्व अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक के कार्यकाल के दौरान, 28 नवंबर 2023 को एक आदेश जारी किया गया था जिसके तहत सरकारी स्कूलों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई थी। इस आदेश के तहत शनिवार को भी अन्य दिनों की तरह पूरे दिन स्कूल संचालित करने का नियम बनाया गया था और वर्षों से चली आ रही शनिवार की हाफ-डे व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था। उस समय दोपहर के बाद 'मिशन दक्ष' के तहत कमजोर छात्रों की विशेष कक्षाएं चलाई जाती थीं और शाम को शिक्षकों के लिए कॉपियों की जांच व रिकॉर्ड तैयार करने के कार्य निर्धारित थे।

  • वर्तमान बदलाव: अब वर्तमान सरकार ने इस पुरानी व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शनिवार को पुनः हाफ-डे किए जाने की घोषणा के बाद, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसकी पुष्टि की और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी। करीब 243 दिनों के बाद सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बहाल करते हुए शनिवार को स्कूलों में आधे दिन का कार्यदिवस फिर से लागू कर दिया है।

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