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पटना के डॉक्टर से 2.03 करोड़ की वसूली का आरोप, रेप केस में फंसाने की धमकी; मुजफ्फरपुर के दंपती पर FIR

पटना के राजीव नगर इलाके में रहने वाले एक डॉक्टर से करीब ₹2.03 करोड़ की रकम वसूलने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। डॉक्टर की पत्नी ने मुजफ्फरपुर की एक कोचिंग संचालिका और उसके पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला ने पहले अपनी मां के इलाज के नाम पर डॉक्टर से आर्थिक मदद मांगी। इसके बाद अलग-अलग कारण बताकर लगातार पैसे लिए गए। जब डॉक्टर ने आगे रकम देने से इनकार किया तो कथित तौर पर उन्हें रेप के मामले में फंसाने और उनकी नौकरी व प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी दी गई।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मां के इलाज के नाम पर मांगे थे ₹20 हजार

डॉक्टर की पत्नी कविता के अनुसार, वर्ष 2024 में उनके पति की मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा की रहने वाली कोचिंग संचालिका से पहचान हुई। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत होने लगी।

शिकायत के मुताबिक, महिला ने सबसे पहले अपनी मां के इलाज के लिए ₹20 हजार की मदद मांगी। डॉक्टर ने रकम दे दी। इसके बाद अलग-अलग जरूरतों का हवाला देकर पैसे मांगने का सिलसिला जारी रहा।

कुछ समय में डॉक्टर ने करीब ₹4-5 लाख की मदद कर दी। इसके बाद उन्होंने आगे पैसे देने से इनकार करना शुरू किया।

कोचिंग खोलने के नाम पर मांगे ₹10 लाख

आरोप के मुताबिक, महिला ने इसके बाद मिठनपुरा में नया कोचिंग संस्थान शुरू करने की बात कही और इसके लिए ₹10 लाख की जरूरत बताई।

उसने डॉक्टर से कहा कि वह और उसका पति अपनी आमदनी से धीरे-धीरे कर्ज चुका देंगे। शिकायत के अनुसार, डॉक्टर ने भरोसा करते हुए अगले कुछ महीनों में करीब ₹10 लाख और दे दिए।

पैसे देने से इनकार किया तो रेप केस में फंसाने की धमकी

डॉक्टर की पत्नी का आरोप है कि नवंबर 2025 में महिला और उसका पति डॉक्टर को मुजफ्फरपुर के मुशहरी स्थित कार्यालय के पास बुलाकर ले गए।

शिकायत के अनुसार, वहां एक कथित सेल्फी फोटो का हवाला देकर डॉक्टर को धमकाया गया। आरोप है कि उनसे कहा गया कि यदि उन्होंने पहले की तरह पैसे देना बंद किया तो उन्हें रेप के मामले में फंसा दिया जाएगा। साथ ही नौकरी और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।

₹1.32 करोड़ की रकम का लीगल डिक्लेरेशन

शिकायत में बताया गया है कि महिला ने व्हाट्सऐप के जरिए डॉक्टर से एक लीगल डिक्लेरेशन तैयार कराने को कहा।

आरोप के मुताबिक, 18 दिसंबर 2025 को डॉक्टर ने मुजफ्फरपुर कोर्ट से ₹1,000 का गैर-न्यायिक स्टांप पेपर खरीदा और महिला के बताए अनुसार एक घोषणा पत्र तैयार कराया।

इसमें उस समय तक दी गई कुल ₹1,32,64,960 की रकम का उल्लेख होने की बात कही गई है। डॉक्टर ने कथित तौर पर इसकी एक प्रति अपने पास भी रखी।

हालांकि, शिकायत के मुताबिक इसके बाद भी पैसे की मांग बंद नहीं हुई।

आत्महत्या की धमकी देने का भी आरोप

डॉक्टर की पत्नी ने आरोप लगाया है कि महिला ने कई बार आत्महत्या करने की बात कहकर डॉक्टर पर दबाव बनाया और उन्हें जिम्मेदार ठहराने की धमकी दी।

शिकायत के अनुसार, इन दबावों के कारण डॉक्टर ने पर्सनल बैंक लोन, जीपीएफ और दोस्तों से उधार लेकर करीब ₹58 लाख की अतिरिक्त रकम अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए दी।

इस तरह शिकायत में कुल मिलाकर करीब ₹2.03 करोड़ की रकम दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

5 जुलाई को फिर मांगे ₹10 लाख

कविता के मुताबिक, 5 जुलाई 2026 की रात करीब 11 बजे महिला ने डॉक्टर को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर ₹10 लाख और देने की मांग की।

शिकायत में कहा गया है कि महिला ने इस रकम को अंतिम भुगतान बताया था। परिवार ने डॉक्टर की मानसिक स्थिति को देखते हुए रकम देने पर सहमति जताई।

इसके बाद डॉक्टर की पत्नी ने ₹10 लाख का पंजाब नेशनल बैंक का चेक देने की बात कही। हालांकि, शिकायत के अनुसार इसके बावजूद पैसे के लिए दबाव और धमकी जारी रही।

7 जुलाई को पत्नी को बताई पूरी बात

डॉक्टर की पत्नी ने पुलिस को बताया कि 7 जुलाई की रात उनके पति अचानक उठे और जोर-जोर से रोने लगे।

जब उन्होंने इसकी वजह पूछी तो डॉक्टर ने कथित ब्लैकमेलिंग और अब तक दी गई रकम के बारे में पूरी जानकारी पत्नी को दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले में मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा निवासी कोचिंग संचालिका और उसके पति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेनदेन, व्हाट्सऐप चैट, कथित लीगल डिक्लेरेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि डॉक्टर से वास्तव में कितनी रकम ली गई और पूरी रकम किस तरीके से ट्रांसफर हुई।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

मुजफ्फरपुर में इससे पहले भी एक कारोबारी को कथित तौर पर ब्लैकमेल कर बड़ी रकम वसूलने का मामला सामने आ चुका है। उस मामले में भी एक महिला के कारोबारी के संपर्क में आने, नजदीकी बढ़ाने और बाद में तस्वीरों के आधार पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया था।

शिकायत के अनुसार, उस मामले में करीब ₹97 लाख की रकम वसूलने का आरोप था। बाद में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच जारी रही।

मौजूदा डॉक्टर वाले मामले में पुलिस दोनों आरोपियों की भूमिका, कथित धमकियों और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।

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