जम्मू-कश्मीर में इस बार मानसून का मौसम भारी तबाही लेकर आया है। राज्य में नदियां और नाले पूरे उफान पर हैं, जिससे आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार को राज्य के 6 अलग-अलग जिलों में बादल फटने से भयानक हालात पैदा हो गए। कई घरों में पानी और मलबा घुस गया है, सड़कें बह गई हैं और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग ने आने वाले 7 दिनों के लिए उत्तर भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं कि कहीं पानी उनके घरों को न बहा ले जाए।
कहाँ-कहाँ हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
हाल ही में किश्तवाड़, पहलगाम, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, शोपियां और गांदरबल में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।
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शोपियां में सबसे ज्यादा असर: शोपियां के ऊपरी इलाकों में बादल फटने से जवोरा, बुदहरहामा और किजरसिंदा जैसे इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। कई गांव पानी में डूब गए हैं और फसलों को नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि SDRF की टीम ने समय रहते स्कूली बच्चों और शिक्षकों समेत 80 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचा लिया।
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कुपवाड़ा और बांदीपोरा: कुपवाड़ा के लोलाब इलाके में बादल फटने के बाद आए तेज बहाव में बहने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं बांदीपोरा में भी लगातार बारिश और बादल फटने से हालात बिगड़ गए हैं।
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पुंछ में आधी रात को रेस्क्यू: पुंछ की बेतार नदी में अचानक पानी बढ़ने से 4 लोग और 15 मवेशी फंस गए थे। पुलिस, SDRF और स्थानीय लोगों ने मिलकर रात में कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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राजौरी में मकान ढहे: राजौरी में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों के घरों में पानी भर गया है, बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए हैं। राजौरी और पुंछ में कई कच्चे मकान भी गिर गए हैं।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के पास न जाने और पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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