आरक्षण और यूजीसी के विरोध में पदयात्रा के बाद पुलिस ने घर पर किया नजरबंद, समर्थकों में नाराजगी
बुलंदशहर में आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विरोध में पदयात्रा कर रहे गायक डीके ठाकुर को उत्तर प्रदेश पुलिस दिल्ली के जंतर-मंतर से बुलंदशहर लेकर पहुंची। इसके बाद खानपुर थाना पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। पुलिसकर्मियों की निगरानी में डीके ठाकुर को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
खानपुर थाना क्षेत्र के रहमतपुर औगाना गांव निवासी डीके ठाकुर ने आरक्षण और यूजीसी से जुड़े मुद्दों के विरोध में पदयात्रा शुरू की थी। पदयात्रा के दौरान वह दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि वे अपने विचार शांतिपूर्ण ढंग से सरकार और आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।
जंतर-मंतर पर कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पुलिस उन्हें बुलंदशहर लेकर पहुंची। यहां खानपुर पुलिस ने उन्हें उनके घर में ही रोक दिया। आवास के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई और उन्हें बिना अनुमति बाहर जाने से मना कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद डीके ठाकुर के समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा
डीके ठाकुर का कहना है कि उन्होंने पदयात्रा और प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं की। उनका दावा है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण और यूजीसी से जुड़े विषयों पर उनकी आपत्तियां हैं और इन्हीं मुद्दों को लेकर वह अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
डीके ठाकुर के समर्थकों का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले व्यक्ति को इस तरह घर पर रोकना उचित नहीं है।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था का दिया हवाला
वहीं, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम बताया गया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने और किसी अप्रिय स्थिति की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
फिलहाल डीके ठाकुर अपने आवास पर पुलिस की निगरानी में हैं। उन्हें कितने समय तक नजरबंद रखा जाएगा, इसे लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, उनके समर्थक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
डीके ठाकुर को जंतर-मंतर से बुलंदशहर लाए जाने और फिर घर पर नजरबंद किए जाने की कार्रवाई के बाद आरक्षण तथा यूजीसी के मुद्दे को लेकर क्षेत्र में चर्चा का दौर शुरू हो गया है। अब देखना होगा कि पुलिस आगे क्या कदम उठाती है और डीके ठाकुर की पदयात्रा व आंदोलन को लेकर प्रशासन का रुख क्या रहता है।

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