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जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले कई नेता नजरबंद, यूजीसी कानून के विरोध में जाने से रोका

 

थानाभवन पुलिस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के कानून को वापस लेने की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन से पहले की गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिखाई दी।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने अखिल भारतीय करणी सेना, राजपूत उत्थान सभा और किसान संगठनों से जुड़े नेताओं को रात करीब 1 बजे से ही उनके घरों में नजरबंद कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई के चलते प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं को भी दिल्ली जाने से रोक दिया गया।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की तैयारी थी। प्रदर्शन में यूजीसी के कानून का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की जानी थी। हालांकि, थानाभवन पुलिस ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं को उनके घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।

इन नेताओं को किया गया नजरबंद

नजरबंद किए गए नेताओं में अखिल भारतीय करणी सेना के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर राम चरण सिंह, राजपूत उत्थान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अनिवेश पुंडीर, किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष लाखन सिंह पुंडीर और राजपूत उत्थान सभा के वरिष्ठ पदाधिकारी कुलदीप राणा शामिल हैं।

पुलिस की कार्रवाई के बाद संबंधित संगठनों के कार्यकर्ताओं में असंतोष देखने को मिला। नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे, लेकिन प्रदर्शन से पहले ही उन्हें घरों में रोक दिया गया।

प्रदर्शन में शामिल होने की थी तैयारी

जंतर-मंतर पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग यूजीसी के कानून को वापस लेना बताई गई है। पुलिस की ओर से नेताओं को नजरबंद किए जाने के कारण अब क्षेत्र से प्रदर्शन में जाने वाले लोगों की संख्या प्रभावित होने की संभावना है।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वहीं, पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाए जाने की बात कही है।

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