राष्ट्रीय समाचार

कार लोन लेते समय सिर्फ कम EMI न देखें, ये 5 गलतियां नई गाड़ी को बना सकती हैं महंगी

नई दिल्ली। कार खरीदते समय ज्यादातर लोगों का ध्यान गाड़ी की कीमत और हर महीने चुकाई जाने वाली EMI पर रहता है। डीलर की ओर से कम EMI का विकल्प मिलने पर खरीदार अक्सर बिना पूरी गणना किए लोन को मंजूरी दे देते हैं। लेकिन कम मासिक किस्त का मतलब यह जरूरी नहीं है कि लोन सस्ता है।

लोन की लंबी अवधि, ज्यादा ब्याज, कम डाउन पेमेंट और अलग-अलग शुल्क के कारण कार की वास्तविक लागत काफी बढ़ सकती है। इसलिए कार फाइनेंस कराने से पहले सिर्फ EMI नहीं, बल्कि पूरे लोन की लागत और शर्तों को समझना जरूरी है।

पहली गलती: सिर्फ EMI देखकर लोन चुनना

कार लोन लेते समय सबसे आम गलती केवल मासिक EMI पर ध्यान देना है। उदाहरण के लिए 15 हजार रुपये की EMI सुनने में कम लग सकती है, लेकिन यह देखना जरूरी है कि यह रकम कितने वर्षों तक चुकानी होगी।

अगर लोन की अवधि तीन साल के बजाय पांच या सात साल कर दी जाए तो EMI कम हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक ब्याज चुकाने के कारण कुल भुगतान बढ़ जाता है।

इसलिए लोन लेने से पहले यह जरूर देखें कि पूरी अवधि में बैंक या वित्तीय संस्था को कुल कितनी रकम वापस करनी होगी।

दूसरी गलती: पहला लोन ऑफर ही स्वीकार कर लेना

कार शोरूम में अक्सर कई बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के लोन विकल्प उपलब्ध होते हैं। खरीदार सुविधा के लिए डीलर द्वारा बताए गए पहले विकल्प को ही स्वीकार कर लेते हैं।

ऐसा करने के बजाय अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, अन्य शुल्क और कुल भुगतान की तुलना करनी चाहिए। ब्याज दर में मामूली अंतर भी लंबी अवधि के लोन में हजारों रुपये का फर्क पैदा कर सकता है।

तीसरी गलती: जरूरत से ज्यादा कम डाउन पेमेंट करना

कम डाउन पेमेंट शुरुआत में आकर्षक लग सकता है, क्योंकि खरीदार के पास नकदी बची रहती है। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि लोन की रकम बढ़ जाएगी।

लोन जितना बड़ा होगा, ब्याज का बोझ भी उतना ही बढ़ सकता है। इसलिए डाउन पेमेंट तय करते समय अपनी बचत और भविष्य के खर्चों का भी ध्यान रखना चाहिए।

हालांकि पूरी बचत डाउन पेमेंट में लगा देना भी सही नहीं है। इमरजेंसी के लिए पर्याप्त रकम बचाकर रखना जरूरी है।

चौथी गलती: छिपे हुए शुल्क और शर्तें नहीं पढ़ना

कई खरीदार ब्याज दर देखकर लोन फाइनल कर देते हैं और बाकी दस्तावेज ध्यान से नहीं पढ़ते। यही बाद में महंगा पड़ सकता है।

प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेज शुल्क, अन्य सेवा शुल्क, बीमा से जुड़े खर्च और समय से पहले लोन बंद करने की शर्तों को समझना जरूरी है।

लोन लेने से पहले बैंक या वित्तीय संस्था से सभी शुल्क की लिखित जानकारी मांगनी चाहिए। दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले यह भी जांचना चाहिए कि बताई गई जानकारी और समझौते में दर्ज शर्तें एक जैसी हैं।

पांचवीं गलती: प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर नियम नहीं जानना

भविष्य में आय बढ़ने या बोनस मिलने पर कई लोग कार लोन समय से पहले खत्म करना चाहते हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले यह जानना जरूरी है कि लोन समझौते में प्री-पेमेंट या फोरक्लोजर को लेकर क्या नियम हैं।

कुछ लोन में समय से पहले भुगतान पर शुल्क या अन्य शर्तें हो सकती हैं। इसलिए लोन लेने से पहले ही पूछ लें कि अतिरिक्त भुगतान करने या पूरा लोन जल्दी बंद करने पर कितना शुल्क लगेगा।

कार की कीमत के अलावा भी होते हैं कई खर्च

कार खरीदने की वास्तविक लागत केवल डाउन पेमेंट और EMI तक सीमित नहीं होती। वाहन खरीदने के बाद इंश्योरेंस, ईंधन, नियमित सर्विसिंग, रखरखाव और अचानक आने वाले मरम्मत खर्च भी बजट का हिस्सा होते हैं।

अगर EMI आपकी मासिक आय का बहुत बड़ा हिस्सा ले लेती है तो भविष्य के जरूरी खर्च, बचत और निवेश प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए कार खरीदने से पहले पूरे साल का अनुमानित वाहन खर्च भी जोड़ना चाहिए।

KFS से मिलती है लोन की महत्वपूर्ण जानकारी

लोन लेते समय की फैक्ट्स स्टेटमेंट यानी KFS को ध्यान से पढ़ना भी जरूरी है। इसमें लोन से जुड़ी महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी और लागू शुल्क को समझने में मदद मिलती है।

लोन फाइनल करने से पहले ब्याज दर के साथ वार्षिक लागत, कुल ब्याज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य लागू शुल्क की जानकारी देखनी चाहिए। अलग-अलग लोन विकल्पों की तुलना करने के बाद ही अंतिम फैसला लेना बेहतर होता है।

कम EMI नहीं, कुल खर्च देखकर लें फैसला

कार लोन लेते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खरीदार केवल इस आधार पर फैसला न करे कि हर महीने कितनी EMI देनी है। लोन की अवधि, कुल ब्याज, डाउन पेमेंट, सभी शुल्क, प्री-पेमेंट की शर्तें और कार के नियमित खर्च को एक साथ देखकर बजट तय करना चाहिए।

थोड़ी सावधानी और तुलना से खरीदार न केवल अनावश्यक ब्याज से बच सकता है, बल्कि नई कार का वास्तविक खर्च भी अपनी क्षमता के भीतर रख सकता है।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)