राष्ट्रीय समाचार

औरंगाबाद में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: वारंटियों, शराब तस्करों और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए चलेगा विशेष अभियान


बिहार के औरंगाबाद जिले में अपराध पर पूर्ण रूप से नकेल कसने, वर्षों से लंबित पड़े कांडों का त्वरित निष्पादन करने और जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक (SP) उपेंद्रनाथ वर्मा ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस अधिकारियों (SDPO), पुलिस निरीक्षकों और तमाम थानों के थानाध्यक्षों ने हिस्सा लिया, जिसमें आगामी सुरक्षा रणनीतियों और अपराध नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से मंथन किया गया।

अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले की वर्तमान सुरक्षा स्थिति का बारीकी से आकलन किया और अधिकारियों को कई स्पष्ट निर्देश दिए:

  • लंबित कांडों का निपटारा: एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थानों में लंबित पड़े मामलों, गंभीर वारदातों और अनुसंधान के स्तर पर अटकी फाइलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर और सुलभ न्याय मिल सके।

  • गश्त और पुलिसिंग: रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

वारंटियों और शराब तस्करों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

कानून व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर शिकंजा कसने की रूपरेखा तैयार की है:

  • फरार वारंटियों की धरपकड़: बैठक में विशेष रूप से यह आदेश दिया गया कि विभिन्न आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में एक विशेष और सघन अभियान चलाया जाए।

  • शराब तस्करों पर सख्त कार्रवाई: जिले में अवैध शराब के कारोबार और इसकी तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस मिलकर संयुक्त रूप से छापेमारी करेंगी। शराब तस्करों, उनके अवैध नेटवर्क और सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक की दो टूक: लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही, हीलाहवाली या लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस कड़े रुख से अपराधियों में हड़कंप मच गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस व्यापक कार्ययोजना से जिले के अपराध ग्राफ पर प्रभावी ढंग से लगाम लगेगी।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)