कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि फिलहाल उनके संगठन को राजनीतिक दल में बदलने की कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि लोकतंत्र केवल चुनाव और राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है। जनता, सामाजिक संगठन, मीडिया और न्यायपालिका भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जंतर मंतर पर आंदोलन के बाद दीपके अब संगठन की आगे की रणनीति, कोर कमेटी और देशभर में होने वाले अभियानों की तैयारी में जुटे हैं।
राजनीति में उतरना अभी जल्दबाजी
दीपके के मुताबिक, संगठन की कोर कमेटी में राजनीतिक दल बनाने को लेकर चर्चा हुई है, लेकिन अभी चुनावी राजनीति में उतरना जल्दबाजी होगी। उनका मानना है कि बड़ी राजनीतिक पार्टियां भी अपने अस्तित्व और संगठन को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उनका संगठन फिलहाल जनता के मुद्दों पर दबाव बनाने और सामाजिक स्तर पर काम करने पर ध्यान देगा।
बोले, पार्टी बनते ही आसानी से तोड़ी जा सकती है
दीपके ने संगठन को राजनीतिक पार्टी में बदलने के सवाल पर कहा कि अगर इसे राजनीतिक दल बनाया गया तो इसे तोड़ना आसान हो सकता है। इसलिए फिलहाल संगठन को राजनीतिक दल से अलग रखते हुए जन मुद्दों पर काम करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
उनका कहना है कि जनता की भागीदारी और सामाजिक दबाव के जरिए भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलाव लाया जा सकता है।
सितंबर से देशभर में शुरू होगा नया अभियान
दीपके ने सितंबर से देशभर में एक नया कार्यक्रम शुरू करने की बात कही है। इसका नाम क्या बोलती पब्लिक रखा गया है। इस अभियान के जरिए अलग अलग क्षेत्रों में लोगों से संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने की योजना है।
कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय मुद्दों और जनता की राय को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। संगठन की आगे की गतिविधियों में इस अभियान को महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही है।
राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात को लेकर बोले
दीपके ने बताया कि कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोग आंदोलन के दौरान उनसे मिले थे। उनके अनुसार, कांग्रेस की ओर से पवन खेड़ा भी उनसे मिले थे। उन्होंने आंदोलन के मुद्दों के प्रति समर्थन जताया था।
दीपके ने कहा कि अभी उनकी राहुल गांधी से बातचीत नहीं हुई है। अगर मुलाकात का अवसर मिलता है तो वह उनसे जरूर मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा से जुड़े लोग भी मिलना चाहें तो उनसे बातचीत करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
आंदोलन को स्वतंत्र रखने पर जोर
दीपके का कहना है कि उनका आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है। अलग अलग दलों के नेताओं की ओर से समर्थन मिलने के बावजूद संगठन अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना चाहता है।
उनके अनुसार, आने वाले समय में संगठन का मुख्य ध्यान जनता के बीच पहुंचने, सामाजिक मुद्दों पर संवाद करने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर रहेगा।

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