नई दिल्ली। युवा आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के युवाओं को संबोधित करने की अपील की है। दीपके ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने संबोधन में युवाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सरकार की योजनाओं और आगे की दिशा के बारे में बात करनी चाहिए।
दीपके ने शिक्षा, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई को युवाओं की प्रमुख चिंताओं में शामिल बताया। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देश के सामने रखने की मांग की।
युवाओं से जुड़ी मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान
दीपके ने अपनी अपील के साथ एक याचिका का लिंक भी साझा किया और लोगों से उस पर हस्ताक्षर करने की अपील की। उनके मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य युवाओं से जुड़े मुद्दों को स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय संबोधन के केंद्र में लाना है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दीपके के नेतृत्व वाला युवा समूह शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और रोजगार के अवसरों जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहा है।
सितंबर से देशभर में संवाद अभियान की तैयारी
दीपके ने हाल ही में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में देशव्यापी अभियान की घोषणा की थी। प्रस्तावित अभियान के तहत सितंबर से अलग अलग शहरों और गांवों में जाकर युवाओं तथा आम लोगों से बातचीत करने की योजना बताई गई है।
इस अभियान में बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर लोगों की राय जानने पर जोर दिया जाएगा। दीपके का कहना है कि केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है।
परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था आंदोलन
अभिजीत दीपके के नेतृत्व में युवा समूह ने परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और जवाबदेही के मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने जैसी मांगें प्रमुखता से उठाई गई थीं।
जून में दीपके ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी। उस समय उन्होंने परीक्षा विवाद से प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए सहायता तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया था।
जुलाई में आंदोलन समाप्त करने की घोषणा
जुलाई में लंबे समय तक चले प्रदर्शन के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई थी। उस दौरान शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखी गई थीं। इस आंदोलन के बाद दीपके और उनके संगठन की गतिविधियां अब चुनावी राजनीति के बजाय सामाजिक और जन संवाद से जुड़े अभियान की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
युवाओं के मुद्दों पर देशभर में संवाद की तैयारी
दीपके का कहना है कि आने वाले समय में युवाओं की समस्याओं को सीधे समझने के लिए देश के अलग अलग हिस्सों में संवाद किया जाएगा। इसमें रोजगार, शिक्षा और महंगाई के साथ युवाओं की अन्य चिंताओं को भी शामिल किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री से युवाओं को संबोधित करने की उनकी अपील को इसी अभियान की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

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